लखीमपुर खीरी। मितौली थाना क्षेत्र में विवाहिता की मौत के दस साल पुराने मामले में एडीजे भूलेराम ने पति पंकज कुमार को दोषी करार दिया है। उसे दस साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर ससुर गंगाराम और देवर अवधेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
माइनरपुरवा मजरा डहर निवासी पंकज की शादी 2013 में डहर निवासी सुरेश की पुत्री रोली से हुई थी। शादी के तीन साल के दौरान अतिरिक्त दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग को लेकर रोली को प्रताड़ित किया जाता था। उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
आरोप है कि 28 मार्च, 2016 को रोली को ससुराल में बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। इसके बाद ससुराल से कुछ दूरी पर राजू के खेत में पेड़ से उसका शव फंदे से लटका मिला। पिता सुरेश कुमार ने पति पंकज, ससुर गंगाराम और देवर अवधेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पोस्टमाॅर्टम में रोली के तीन-चार महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
अदालत में अभियोजन ने मृतका के पिता सुरेश कुमार, राजकुमारी, कांस्टेबल आनंद कुमार तिवारी, डॉ. एसके सिंह, शिवशरण शुक्ला, डीएसपी मिथलेश दीक्षित और सीओ निष्ठा उपाध्याय को गवाह के रूप में पेश किया। गवाहों ने विवाहिता की असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु और मृत्यु से पहले दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के तथ्य साबित किए।
शुक्रवार को अदालत ने पति पंकज कुमार को दोषी ठहराकर दस साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ससुर गंगाराम और देवर अवधेश को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया।