लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को परेशान करने और उसकी जलने से हुई मौत के मामले में अदालत ने पति, जेठ और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजे रेनू सिंह की अदालत ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी रकम मृतका के मायके वालों को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, फरधान थाना क्षेत्र के गांव लौकी मजरा पिपराछींट निवासी शिव गोविंद मिश्रा की शादी 25 फरवरी, 2008 को खीरी थाना क्षेत्र के गांव मोतीपुर निवासी मनीष कुमार अवस्थी की बहन गीता अवस्थी से हुई थी। आरोप था कि पति शिव गोविंद, जेठ धर्मेंद्र, जेठानी और सास मीरा देवी एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर गीता को परेशान करते थे। मायके वालों ने कई बार सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
26 फरवरी 2010 को सात माह की गर्भवती गीता ससुराल में जली हुई हालत में मिली थीं। पति शिव गोविंद भी उनसे लिपट जाने के कारण जलकर घायल हो गया था। गीता को जिला अस्पताल से लखनऊ भेजा गया, जहां 27 फरवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के भाई मनीष अवस्थी की तहरीर के बावजूद लंबे समय तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। महिला आयोग के आदेश पर 30 जून 2010 को पति शिव गोविंद, जेठ धर्मेंद्र, जेठानी और सास मीरा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने पति, जेठ और सास के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान मनीष अवस्थी, ममता, राजेश्वरी, अनुपम और क्षेत्राधिकारी बसंत लाल ने बयान दर्ज कराए। शनिवार को अदालत ने पति शिव गोविंद, जेठ धर्मेंद्र और सास मीरा देवी को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।