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पति व सास-ससुर को आठ साल की कैद, जुर्माना भी

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court news : court - फोटो : social media
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दहेज में 60 हजार रुपये लाने के लिए 2013 में मार दी गईं थी कांति देवी
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लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज के लिए नवविवाहिता को प्रताड़ित कर मौत के घाट उतारने के आठ साल पुराने मामले में एडीजे राजेश मिश्र ने मृतका के पति व सास-ससुर को दोषी पाया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए विशेष लोक अभियोजक संजय सिंह ने अदालत में बताया कि नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अटवा निवासी सुशील कुमार की शादी मार्च 2012 में महेश प्रसाद की लड़की कांति के साथ हुई थी। शादी में मायके वालों ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज भी दिया था, लेकिन पति सुशील कुमार, सास प्रेमा देवी और ससुर जगन्नाथ अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते नवविवाहिता कांति देवी को लगातार प्रताड़ित करते थे। माता-पिता से कहकर 60 हजार रुपये लाने को धमकाया जाता था। इसी कड़ी में 4 मई 2013 को कांति देवी की आग लगाकर हत्या कर दी गई। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कांति के पिता महेश प्रसाद ने थाना नीमगांव में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन सीओ दिनेश पुरी, अखिलेश नारायण सिंह ने जांच के बाद आरोपी पति,सुशील कुमार, ससुर जगन्नाथ और सास प्रेमा देवी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। अदालती सुनवाई के बाद तीनों को दहेज मृत्यु के मामले में दोषसिद्ध पाया गया।
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बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एडीजे राजेश मिश्र ने तीनों आरोपियों को 8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों आरोपियों पर बीस हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया है।
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