बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दिल्ली, मुंबई, हरियाणा से पैदल और साइकिल से सैकड़ों प्रवासी श्रमिक चोरी-छिपे कस्बे से सटे कुकरा गांव में पहुंच गए। जानकारी मिलते ही बीडीओ ने गांव पहुंचकर इन मजदूरों की तलाश शुरू कर इसकी सूचना सीएचसी अधीक्षक और एसडीएम गोला को दी।
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण बाहरी प्रांतों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को जब कोई साधन नहीं मिला तो वे पैदल और साइकिलों से ही अपने घरों की ओर कूच निकल लिए। ऐसे ही काफी संख्या में मजदूर बांकेगंज कस्बे से पांच किलोमीटर दूर चोरी-छिपे कुकरा गांव में अपने घरों में पहुंच गए। यह मजदूर कई दिनों से अपने घरों में रहते हुए गांव को लोगों से संपर्क में हैं। गुरुवार को गांव के कुछ जागरूक लोगों ने इसकी सूचना बांकेगंज ब्लॉक के बीडीओ एके सिंह और वीडीओ जगतपाल को दी तो वह सन्न रह गए। बीडीओ तत्काल कुकरा पहुंचे। उन्होंने निगरानी समिति के मेंबरों के साथ इन मजदूरों को चिह्नित कर पुलिस चौकी प्रांगण में बुलाया, उन्हें कोविड-19 टेस्ट कराने को कहा। साथ ही उन्हें समझा-बुझाकर 21 दिनों तक होम क्वारंटीन रहने की हिदायत दी। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों से कहा कि कोरोना संक्रमण से डरने की जरूरत नहीं हैं। इससे स्वयं बचें और दूसरों को भी बचाएं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ केके रंजन ने बताया कि गुरुवार को बांकेगंज ब्लॉक के बीडीओ एके सिंह की सूचना पर कुकरा गांव में चोरी-छिपे पहुंचे प्रवासी श्रमिकों की जांच के लिए डॉ. सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में मेडिकल टीम कुकरा गांव रवाना कर दी गई है। उन्होंने बताया कि संबधित मजदूरों को निगरानी समिति के माध्यम से चिह्नित कर उनकी सूची बनाई जा रही है। इसके बाद सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप के बाद थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। कोरोना संदिग्धों के सैंपल जांच की जांच के लिए उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया जाएगा।
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कुकरा पंचायत के कुकरा गांव में काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक पैदल और साइकिल से चोरी-छिपे घरों में पहुंचे हैं। इन मजदूरों ने न तो अपनी जांच कराई है और न ही इसकी सूचना ब्लॉक प्रशासन को दी। अब ऐसे मजदूरों को चिह्नित कर होम क्वारंटीन कराया गया है। इन मजदूरों की कोविड-19 जांच के लिए बांकेगंज सीएचसी अधीक्षक को सूचना दी गई है।
-एके सिंह, बीडीओ, बांकेगंज
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होम क्वारंटीन किए गए मजदूर टहलते मिले, पुलिस ने खदेड़ा
महेवागंज। चौकी पुलिस को सदर तहसील क्षेत्र के भानपुर, दोनवा, दिनपुरवा समेत कुछ गांवों में प्रवासी मजदूर होम क्वारंटीन के बजाय गांव की गलियों में टहलते मिले। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें खदेड़ा और हिदायत दी। चौकी प्रभारी पारसनाथ ने बताया कि गांव लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इधर, बसों से बुधवार की रात नवभारत इंटर कॉलेज स्थित स्क्रींनिग केंद्र पर लाए गए 175 प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। मोहम्मदी में महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों के आने की सूचना पर एसडीएम स्वाति शुक्ला व सीओ प्रदीप कुमार यादव, स्वास्थ्य टीम के साथ दिलावरपुर, विषमासी और सरैया गांव पहुंचे और सभी की स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण कराया। पसगवां में सीएचसी पसगवां की टीम ने 53 प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की। इनमें मुंबई से आए 11 प्रवासियों के सैंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा। इसके अलावा कई गांवों में 21 प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।