किसानों ने पानी भरे खेतों में खड़े होकर नहर विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
खीरी ब्रांच नहर के कुकरा स्केप खोल देने से सैकड़ों एकड़ खेतों में बोई गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। हाड़तोड़ मेहनत के बाद बोई गई फसल में घुटनों तक भरे पानी को देख किसानों के सब्र का बांध टूट गया। इससे गुस्साए गन्ना उत्पादक किसानों ने फसल में भरे पानी में खड़े होकर नहर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मालूम हो कि बीती रात खीरी ब्रांच नहर का कुकरा स्केप किसी ने खोल दिया, इससे सारा पानी स्केप क्षेत्र के गांव ढाका, कुकरा, हरदुआ, जटपुरा और बांकेगंज के किसानों के खेतों में घुटनों तक भर गया। इसमें तमाम खेतों में एक माह पहले गन्ना फसल बोई गई थी। इसके अलावा एक बड़े क्षेत्रफल में किसान एक दो दिन बाद ही गन्ना फसल बोवाई की तैयारियों में थे। किसानों मोहम्मद जाबिर, महावीर, जगतार सिंह, मलकीत सिंह, लालाराम, बहादुुर, सोमवती, साधू सिंह, नन्हें, प्यारे, संतोष, विक्रम, लौंगश्री आदि का आरोप है कि नहर विभाग पिछले कई सालों से इसी समय स्केप को खोल देता है, इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उधर सिंचाई विभाग के एक्सईएन सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने नहर विभाग द्वारा स्केप खोलने से इनकार किया है। कहा कि किसी शरारती तत्व की यह हरकत है, मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले शरारती तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।