गोकर्ण तीर्थ के पूर्वी छोर पर हो रहा सीढियों का निर्माण। संवाद
- फोटो : रेलवे जंक्शन पर ट्रेन चें चढ़ते यात्री।
गोला गोकर्णनाथ। शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण के चलते गोकर्ण तीर्थ जलविहीन पड़ा है। कार्य की धीमी रफ्तार को देखते हुए महाशिवरात्रि तक तीर्थ निर्माण पूर्ण होना मुश्किल है। ऐसे में तीर्थ के तट पर होने वाले दीपयज्ञ और पार्थिव शिवलिंग के रुद्राभिषेक को लेकर सवाल उठने लगे हैं।शहर के पौराणिक शिव मंदिर के साथ ही गोकर्ण तीर्थ भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ा हुआ है। इधर, कॉरिडोर निर्माण में तीर्थ का भी निर्माण होना है। एक महीने से अधिक समय से तीर्थ जल रहित है। सोमवती अमावस्या, मकर संक्रांति पर भी श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाए।
छोटी काशी में महाशिवरात्रि महापर्व के रूप में मनाई जाती है। पौराणिक शिव मंदिर में जहां रात्रि के चारों प्रहर भगवान भोलेनाथ का शृंगार पूजन होता है, वहीं तीर्थ के तट पर दीप यज्ञ और पार्थिव शिवलिंग का सामूहिक रुद्राभिषेक होता है। धीमी गति से चल रहे कार्य को देखते हुए 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक कार्य पूर्ण होना असंभव सा प्रतीत हो रहा है।
स्थानीय प्रशासन महाशिवरात्रि पर होने वाले आयोजनों से भलीभांति परिचित है। गोकर्ण तीर्थ के संबंध में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष से वार्ता भी हो चुकी है। जिलाधिकारी से तीर्थ निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने का आग्रह करेंगे। ताकि दशकों वर्ष से होते आए आयोजन पूर्व की भांति भव्यता के साथ हों।
पंडित रामदेव मिश्रा शास्त्री
-
गोकर्ण तीर्थ की सीढ़ियों का निर्माण चल रहा है। महाशिवरात्रि से पूर्व कार्य पूर्ण करा लेने का प्रयास रहेगा।
विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला