निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट 12 गांव में शारदा के कटान से 100 से अधिक नदी में समा चुके हैं। शुक्रवार को एक मकान जब नदी में गिरा, उस वक्त एक युवती पास में ही खड़ी थी। उसने भागकर अपनी जान बचाई।
लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट 12 गांव में शारदा नदी की कटान का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार सुबह तक 12 घंटे में 10 और घर शारदा नदी की तेज धारा में समा गए। यहां अब तक शारदा नदी गांव के 101 मकानों को लील चुकी है।
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बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार सुबह तक गांव की रामश्री, चंद्रकली, डालचंद, महेश, लज्जावती, अभिषेक, शिवराम, शांतई, धर्मेंद्र और राधेश्याम के मकान नदी में समा गए। कटान के आगे ग्रामीण बेबस हैं। शुक्रवार को कटान के दौरान एक युवती बाल-बाल बची। युवती घर के बाहर खड़ी थी, तभी भरभरा पूरा मकान नदी में समा गया। युवती ने भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया।
आरोप: आश्वासन देकर की जा रही खानापूरी
बेघर हुए परिवारों ने बताया कि उन्हें अब बचाव की कोई राह नजर नहीं आ रही। दिन ढलते ही अंधेरे में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस बचाव कार्य नहीं किया गया। सिर्फ मुआवजे का आश्वासन देकर खानापूरी की जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि लगातार गुहार लगाने के बावजूद न तो राहत सामग्री मिल पा रही है और न ही सुरक्षित ठिकाने।
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तहसीलदार मुकेश वर्मा ने बताया कि कटानग्रस्त क्षेत्र पर नजर रखने के लिए लेखपाल को लगाया गया है। शासन को रोजाना रिपोर्ट भेजी जा रही है और जल्द ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।