राज्य पोषण मिशन के तहत डीएम की गोद ली ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 में संचालित एक दर्जन से भी अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का बीडीओ भूषण कुमार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित रजिस्टर, हॉटकुक्ड भोजन और पोषाहार वितरण पंजिका का बारीकी से मुआयना किया। हॉटकुक्ड पंजिका को देखने पर पता चला कि तीन दिन से बच्चों को खाने के लिए हाटकुक्ड भोजन नहीं मिला है।
बीडीओ भूषण कुमार ने बृहस्पतिवार को ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 में संचालित बांकेगंज, कोठीपुर, मैकूपुर, बांकेपुर, अर्जुनपुर, पसियापुर आदि में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष उनकी उपस्थित एक चौथाई भी नहीं मिली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से बच्चों को दिए जाने वाले हॉटकुक्ड संबधी जानकारी ली और पंजिका को देखा। इसमें बच्चों को तीन दिन से हॉट कुक्ड न मिलने की सच्चाई सामने आई। इसकी सूचना उन्होंने डीएम गौरव दयाल को दी। पसियापुर केंद्र्र पर उन्होंने गांव की कुपोषित दो वर्षीया शिवा का बेइंग मशीन से वजन लिया। अभिभावक राम निवास और सुपरवाइजर से बच्चे का इलाज सीएचसी में कराने की बात कही।
इस मौके पर ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रजेश, सविता, सुपरवाइजर ललिता वाजपेयी, सोमवती, पूनम जायसवाल, गोदावरी, राजकुमारी, जयश्री, देवसुती के अलावा ग्रामीण मौजूद रहे।
केंद्रों पर नोनिहालों के लिए यह है मेन्यू
गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेन्यू के मुताबिक सोमवार से शनिवार तक दोपहर के भोजन में खिचड़ी और दलिया परोसे जाने के आदेश हैं। सुबह के नाश्ते में बुधवार और शुक्रवार को लइया-चना और अन्य दिनों में पोषाहार दिया जाता है। बावजूद इसके वहां आने वाले बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।
करोड़ाें खर्च पर नतीजा सिफर
आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों का दाखिला होता है। इनके लिए 2.25 रुपया प्रति बच्चा भोजन और 1.75 रुपया प्रति बच्चा नाश्ते के लिए दिया जाता है।