बीएसए पर दबाव बनाने की कोशिश
बीएसए ने कहा, खुराफाती तत्वों का प्रयास
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में डीएम ने 30 दिसंबर को शीतलहर के चलते चार जनवरी 2017 तक अवकाश घोषित किया था, जिसके बावजूद कुछ खुराफाती लोगों ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) के फर्जी हस्ताक्षर से 12 जनवरी तक अवकाश का आदेश वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के सभी बीएसए को जारी इस फर्जी आदेश में शिक्षकों को विद्यालय जाने की बाध्यता से मुक्त रखने का हवाला दिया गया है। इस आदेश को पुख्ता साबित करने के लिए समाचार चैनल के स्क्रीन शॉट भी पोस्ट किए गए, जिससे अभिभावक, शिक्षक समेत अधिकारियों में काफी देर तक भ्रम की स्थिति बनी रही।
बता दें कि सोमवार की शाम को शिक्षा निदेशक (बेसिक) वासुदेव यादव की ओर से आदेश सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जो प्रदेश के समस्त बीएसए को संबोधित है। दो जनवरी 2017 की तिथि में जारी इस आदेश में 12 जनवरी 2017 तक प्रदेश के सभी स्कूलों को बंद रखने की बात कही गई है। वहीं सबसे ज्यादा जोर इस दौरान शिक्षकों को स्कूल पहुंचने की बाध्यता से मुक्त करने पर दिया गया है। इससे शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जब इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई, तो उन्होंने लखनऊ में बैठे अफसरों से पुष्टि की। तो यह आदेश फर्जी निकला, क्योंकि शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव कई साल पहले रिटायर हो चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि इसमें शिक्षा विभाग के ही कुछ शरारती तत्व शामिल हो सकते हैं। जो स्कूलों में पढ़ाई का माहौल ठप कर सिर्फ मौज मस्ती करना चाहते हैं।
--
सोशल मीडिया पर वायरल किया गया आदेश पूर्णतया फर्जी है। इसे वायरल करने वाले शरारती तत्वों की पहचान कराई जाएगी। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए