लखीमपुर खीरी। होली दो दिन का त्योहार है। हिंदू पंचांग अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है। अगले दिन यानि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में रंगपर्व और मिलन होता है। इस बार रविवार यानि 28 मार्च को होलिका दहन और 29 मार्च सोमवार को रंग पर्व एवं मिलन होगा। रविवार को होलिका दहन होने के कारण सोमवार से होलिकाष्टक शुरू हो गया, जो 29 मार्च को समाप्त होगा। इन आठ दिन में कोई शुभ एवं नए कार्य करना वर्जित रहेगा।
देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलिकाष्टक लग जाता है। जो सोमवार प्रारंभ हो गया। इसके लगते ही शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों में भगवान का पूजन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को भद्रा दिन में समाप्त हो जाएगी। शाम छह बजकर 34 मिनट से प्रदोषकाल शुरू होगा। इसी के साथ शाम छह बजकर 34 मिनट से रात 10 बजे के बीच चार लाभ एवं अमृत के शुभ चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे। इसलिए इस अवधि में होली दहन करना लाभकारी होगा। संवाद