तिकुनिया। जसनगर गांव निवासी गुरचरन के 14 वर्षीय पुत्र राजकमल की तेंदुए के हमले में मौत ने पूरे गांव की खुशियों को मातम में बदल दिया है।
पूरा गांव होली जश्न की तैयारियों में व्यस्त था। किसी को पता नहीं था कि गुरचरन के बेटे को होली के दिन तेंदुआ निवाला बना लेगा। गुरचरन का रो-रोकर बुरा हाल है। गुरचरन की पत्नी की मौत पांच वर्ष पहले ही हो चुकी थी। इनका बेटा राजकमल कोई काम नहीं करता था, लेकिन इसके बावजूद पिता गुरचरन खुश था। गांव के लोग कहते हैं गुरचरन का एक बेटा मोहाना नदी में बाढ़ के समय दो साल पहले डूब कर मर गया था। अब केवल गुरचरन, राजकमल के ही साथ रहता था।
घटना की सूचना जब गांव में आई तो गुरचरन सहित गांव के लोग अपने घरों में होली की तैयारी कर रहे थे। हालांकि आज रंग नहीं खेला जाना था फिर भी लोगों में होली का उत्साह था। राजकमल की मौत की खबर गांव में आई तो गांव में मातम फैल गया।