लखीमपुर खीरी। प्रदेश में कहीं पर भी हिस्ट्रीशीटर कोई अपराध करता है तो जिस थाने पर उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। उस थाना प्रभारी और जहां अपराध हुआ है उस थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मौजूदा समय में जिले से 274 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं, जो पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
जिले में वर्तमान समय में करीब दो हजार हिस्ट्रीशीटर हैं। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी के लिए पहले से ही कई दिशा-निर्देश जारी हैं। थानों पर बाकायदा एक रजिस्टर है, जिसमें हिस्ट्रीशीटरों का लेखा जोखा रहता है। हास्यास्पद बात तो यह है कि निगरानी करने वाले हल्का सिपाही से लेकर थानेदार क्षेत्र के कुछ ऐसे शातिर हिस्ट्रीशीटरों का चेहरा भी नहीं पहचानते, जो प्रचलित अपराधी हैं। कुल मिलाकर निगरानी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
जिले में करीब 1997 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से जनवरी 2021 से अब तक ऐसे 12 हिस्ट्रीशीटरों का डाटा नष्ट किया जा चुका है, जो या तो इस दुनिया में नहीं हैैं या फिर शारीरिक रूप से काफी कमजोर और उम्रदराज हो चुके हैं। 144 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं, जबकि 274 हिस्ट्रीशीटरों का कोई अता-पता नहीं। पुलिस यह हिस्ट्रीशीटर कहां हैं और क्या कर रहे हैं। इसकी जानकारी जुटा रही है।
उधर, मुख्यमंत्री ने हिस्ट्रीशीटरों के साथ ही पुलिस अधिकारियों पर भी शिकंजा कस दिया है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने सभी पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेश में कहीं पर भी यदि कोई हिस्ट्रशीटर कोई अपराध करता है तो उस थाने के प्रभारी जहां उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है, साथ ही उस थाना के प्रभारी जहां पर अपराध हुआ है। दोनों थाना प्रभारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर की लगातार निगरानी की जाती है। कोई अपराध करने की बात सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। लापता हिस्ट्रीशीटर दूसरे जिलों और प्रदेशों में काम कर रहे हैं, जिनकी निगरानी स्थानीय और संबंधित थाने की पुलिस कर रही है।
- अरुण कुमार सिंह, एएसपी