हिन्दू संगठन के लोगो को समझाती पुलिस
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महेवागंज। सदर कोतवाली क्षेत्र में शारदानगर-फूलबेहड़ तिराहे पर गुरुवार को उस वक्त बखेड़ा खड़ा हो गया जब एक स्थान पर लगे भगवा झंडे और पौधे को वन कर्मियों ने हटा दिया। साथ ही पुजारी को हिदायत दी। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने वन दरोगा पर द्वेष भावना से ग्रस्त होने और हिंदू आस्था और देवी देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। पुलिस के सामने दोबारा झंडा और पौधा लगाने के बाद लोग शांत हुए। हंगामे के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।
शारदानगर और फूलबेहड़ तिराहे के पास एक पूजनीय पौधा लगा था। वहीं पर भगवा झंडा लगा था। दोपहर में पहुंचे वनकर्मियों ने झंडा और पौधा उखाड़ दिया। वहां मौजूद पुजारी को दिखाई न पड़ने की हिदायत दी। इसकी खबर मिलते ही मौके पर कई हिंदू संगठनों के लोग पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इससे मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सूचना पर महेवागंज चौकी प्रभारी संजीव कुमार, फारेस्टर नागेंद्र पांडेय और संजय आजाद मौके पर पहुंचे। वन अधिकारियों ने दक्षिण खीरी के वन रेंज शारदानगर वन संरक्षित जमीन का हवाला देते हुए जमीन पर अतिक्रमण न करने को कहा। इस पर लोगों का गुस्सा और भड़क गया। काफी देर हंगामा होता रहा। इससे जाम की स्थिति पैदा हो गई। दोनों मार्ग पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने समझाने की काफी कोशिश की लेकिन हिंदू संगठन के लोग सम्मान पूर्वक भगवा झंडा को पुन: स्थापित करने की मांग पर अड़े रहे। शाम को कोतवाली से एसएसआई शिव प्रकाश पांडेय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। झंडा दोबारा स्थापित होने पर ही लोग माने।
संरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा करने की योजना के तहत झंडा और पौधा लगाया गया था। जानकारी होते ही हटवा दिया गया। कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे है। मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। पुलिस को तहरीर दी है।
-नागेंद्र पांडेय, वन दरोगा