होलिका दहन स्थल पर जुटते हैं दोनों धर्मों के लोग
मोहल्ले के पूर्व सभासद मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि इस त्योहार में सभी लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं पहले लकड़ी इकट्ठा करने में सहयोग भी करते हैं। सुबह दोनों धर्मों के लोग होलिका दहन स्थल पर एकत्र होते हैं और एक दूसरे को होली की बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। लोग घरों को आग बचाने के लिए अपनी छतों पर पानी स्टोर कर लेते हैं।
यहां होली को लेकर कभी कोई विवाद नहीं हुआ।
पहले दोनों धर्मों के बच्चे और बुजुर्ग होली में आग लगने के बाद होली की आग में आलू भूनकर खाते थे लेकिन अब यह परंपरा खत्म हो गई है। मोहल्ले के शहवाज सिद्दीकी कहते हैं कि यहां पर सभी एक दूसरे का सहयोग करते हैं। पहले बालिकाएं फूल डालने होली पर आती थीं तो सभी आसपास के लोग जिम्मेदारी से उनका ध्यान रखते थे।