फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेज बुखार से हाहाकार

Mon, 07 Sep 2015 12:26 AM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में बीते 24 घंटे में चार बच्चों को भर्ती कराया गया है। मैलानी में एक और भीखमपुर क्षेत्र के ग्राम अमिलाहार में बुखार से तीन दिन में तीन बच्चों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग बीमारियों की रोकथाम कर पाने में असफल हो रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों में थाना और कस्बा मैलानी निवासी मेंहदी हसन की तीन वर्षीय पुत्री जोया, थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के ग्राम श्रीनगर तेंदुआ निवासी सुभाष का तीन वर्षीय पुत्र शिवा, कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम शिवाला पुरवा निवासी सफायत का छह वर्षीय पुत्र जुऐब तथा धौरहरा क्षेत्र के ग्राम राजापुर भज्जा निवासी सुनील की तीन वर्षीय पुत्री सुषमा को भर्ती कराया गया।
मैलानी। यहां मोहल्ला काली मंदिर निवासी राजू की सात साल की पुत्री खुशी को तेज बुखार आया तो परिवार के लोग एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए ले गए। दवा खाने के बाद बुखार में कमी आई, लेकिन रात को फिर तेज बुखार आ गया और दोपहर में उसकी उपचार के दोरान मौत हो गई। परिवारवालों के मुताबिक खुशी को बुखार के साथ पेट में दर्द की भी शिकायत थी।
विज्ञापन

अमिलाहार में तीन दिन में तीन बच्चों की मौत
भीखमपुर। बीमारियों से क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हैं। तेज बुखार के प्रकोप के चलते ग्राम पंचायत चांदामऊ के मजरा अमिलाहार मेें तीन दिन में तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बच्चे बीमार हैं। यहां गांव के जगदंबा की पांच वर्षीय पुत्री प्रतिभा राज की दो दिन चले इलाज के बाद मौत हो गई। इससे पूर्व चार सितंबर को रामभरोसे की दो वर्षीय पुत्री नैंसी को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। दो सितंबर को विक्रम लाल के एक वर्षीय पुत्र नैमिष की मौत जिला अस्पताल ले जाते समय हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार रमेश की पांच वर्षीय पुत्री अलका का इलाज गोला में चल रहा है। इसके अलावा धमेंद्र के तीन वर्षीय पुत्र चिंटू का इलाज लखीमपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। मदनलाल के डेढ़ वर्ष के पुत्र बिजेंद्र, बृजेश की पांच वर्षीय पुत्री तपस्या, बिट्टू की आठ वर्षीय पुत्री पूजा और प्रेम की चार वर्षीय पुत्री शिवांगी बीमार है इन बच्चों का इलाज चल रहा है। इस बाबत ग्राम प्रधान ऋषिपाल गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर ही गांव के कई परिवार तेज बुखार से प्रभावित हैं।
टूटी स्वास्थ्य विभाग की नींद
कुकरा/बांकेगंज। बांकेगंज के गांव रमतलिया में लक्ष्मी की मौत और कुकरा में तीन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग चेता है। सीएमओ डॉ. वीके साहू ने रविवार दोपहर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही गांव कुकरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में हेल्थ कैंप लगाया।
दो सितंबर को तेज बुखार से पीड़ित बांकेगंज के गांव रमतलिया निवासी अरुण की आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी को जिला अस्पताल से जबरन छुट्टी के बाद उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को गांव कुकरा में तीन मासूम सात वर्षीय सना, आठ वर्षीय फिजा तथा 15 वर्षीय सन्नों की मौत से क्षेत्र में दहशत फैल गई। रविवार दोपहर सीएमओ डॉ. वीके साहू ने डॉक्टरों की टीम के साथ कुकरा और बांकेगंज का दौरा किया। उन्होंने बुखार से पीड़ित लोगों को तत्काल अस्पताल भेजने को कहा। साथ ही वहां हेल्थ कैंप लगाकर डॉक्टरों से कैंप करने को लिए कहा। इसके बाद बांकेगंज के गांव रमतलिया में सीएमओ मृतक लक्ष्मी के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके अलावा घर के अन्य बच्चों के संबध में भी जानकारी ली।
सफाई का महत्व बताया
क्षेत्र में पहुंचे सीएमओ डॉ. वीके साहू ने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्रामीणों को सफाई के बारे में बताया। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि बच्चों के बीमार होने उन्हें अस्पताल ले जाएं। झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं।
सीएमओ ने लगाई क्लास
सीएमओ ने क्षेत्र में तेजी से फैल रहे संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर सीएचसी डॉक्टरों की क्लास ली। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि प्रभावित गांवों का दौरा कर मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवादयां दें। सीएमओ ने इसमें लापरवाही मिलने पर संबधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें