प्राइवेट यात्री बस को बचाने में बृहस्पतिवार की सुबह एक ट्रॉला बस से टकराकर पेड़ से जा भिड़ा। हादसे में ट्रॉला में सो रहे हेल्पर की केबिन में दब जाने से मौत हो गई, जबकि ट्रॉला चालक केबिन में फंस गया। ड्राइवर की जान बचाने की जब कोई तरकीब काम नहीं आई तो युवाओं ने आगे आकर ट्रॉला में लदी बोरियों को खाली कर दिया। भीरा पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से करीब दो घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर हाईड्रा से केबिन अलग किया और घायल ड्राइवर को निकाल लिया। हादसे में बस में सवार करीब छह यात्री भी घायल हुए हैं।
हादसा भीरा लखीमपुर हाईवे पर शंकरपुर मोड़ के पास हुआ। सीतापुर से यूरिया लेकर पलिया की ओर जा रहा ट्रॉला बिजुआ-शंकरपुर मोड़ पर पहुंचा कि अचानक सामने से तेज गति से आ रही प्राइवेट यात्री बस दिखी। ट्रॉला चालक ने बस को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रॉला सड़क किनारे उतरकर पेड़ो में जा घुसा। हादसे में ट्रॉला में सो रहा हेल्पर 18 वर्षीय मनीष पुत्र संभूलाल निवासी राजामंडी थाना मैलानी की केबिन में दबकर मौत हो गई, जबकि नारंगपुर थाना मैलानी निवासी चालक 45 वर्षीय सुलेमान का पैर केबिन के नीचे फंस गया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस और यूनियन के मैनेजर कासिफ खां ने अपनी बाइक से और दूसरे वाहनों से घायल बस यात्रियों को अस्पताल भिजवाया। एसओ संदीप सिंह ग्रामीणों के साथ मिलकर ड्राइवर को केबिन से बाहर निकलवाने की भरकस कोशिश की। केबिन से ड्राइवर निकालने के बाद हेल्पर का शव भी लोगों की मदद से निकाला गया।