जेठ माह के मध्य भीषण गर्मी से लोग बुरी तरह बेहाल हैं। न दिन में चैन है न रात में। दिन में काम करना मुश्किल और रात में सोना भी हो रहा मुश्किल। आम जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। गर्मी से लोगों की कार्यक्षमता और दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। बृहस्पतिवार को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी, शाम को जिले के कुछ इलाकों में तेज धूल भरी आंधी आने के बाद ठंडी हवाएं चलने से रात में गर्मी से कुछ राहत मिली थी लेकिन शुक्रवार को मौसम के तेवर और दिनों से ज्यादा तीखे हो गए हैं।
शुकवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से चल रही पुरवा हवाओं की रफ्तार कुछ तेज रही लेकिन दोपहर में हवाओं की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा से कम रही। इससे लोगों को पूरे दिन भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। वायुमंडल में आर्द्रता की कमी के चलते दिन में ही नहीं रात में भी लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। जेठ की इस भीषण तपिश से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दो-तीन दिन तराई के लोगों के लिए काफी मुसीबत भरे होंगे। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएच कुशवाहा ने बताया कि आने वाले तीन दिनों में तपिश और ज्यादा बढ़ेगी अधिकतम तापमान बढ़कर 44 डिग्री सेल्सियस के पार हो जाएगा। 29-30 मई को धूलभरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद ही मौसम के तेवर कुछ ढीले पड़ने की संभावना है।
शुक्रवार को कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते दोपहर में बाजार और सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। जो बाहर निकले वे पसीने से तरबतर हो गए। इस बीच बार बार बिजली की ट्रिपिंग से लोग परेशान रहे। भीषण गर्मी के चलते लोगों की कार्यक्षमता घट गई है। लोग जरूरी काम से सुबह शाम ही बाहर निकल रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में भी गर्मी के चलते आने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। एक आटो रिक्शा वाले ने बताया कि सुबह से 11 बजे तक और शाम को पांच बजे से रात तक जो काम हो जाए वहीं बहुत है। दिन में सवारियां मिलना मुश्किल हो रहा है।