लखीमपुर खीरी। आसमान से बरसती आग ने तापमान में उबाल ला दिया है। झुलसाती गर्म हवा के बीच जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। मंगलवार को ओपीडी में 1203 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें ज्यादातर उल्टी-दस्त, बुखार, खांसी और त्वचा रोग से पीड़ित थे।
सोमवार को बकरीद के अवकाश की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही थी। मंगलवार को अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की कतार लग गई। पर्चा काउंटर पर 1203 मरीजों का पंजीकरण किया गया। पुराने पर्चे के मरीज भी अस्पताल पहुंचे। सबसे अधिक संख्या उल्टी-दस्त और बुखार- खांसी के मरीजों की थी। बड़ी संख्या में सिर दर्द और पेट दर्द के मरीज भी अस्पताल पहुंचे।
खांसी और खराश से पीड़ित मरीजों ने बताया कि कई दिनों से समस्या बनी हुई है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शिखर वाजपेयी ने बताया कि शरीर दर्द और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। गर्मी में एहतियात बरतने की जरूरत हैं। पानी खूब पिएं। सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें। तला-भुना खाने से परहेज करें। बहुत जरूरी होने पर ही धूप में बाहर निकलें। बाहर जाएं तो सिर को कपड़े से ढक लें।
धनगढ़ी में 29 साल का रिकॉर्ड टूटा
धनगढ़ी। कई दिनों से भीषण गर्मी से धनगढ़ी समेत तराई क्षेत्र का तापमान बढ़ने से फसलें सूख रहीं हैं, वहीं अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। कई वर्ष बाद पहाड़ी जिलों में तापमान अधिक होने से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जल व मौसम विभाग अतरिया कैलाली कार्यालय के अनुसार धनगढ़ी में मंगलवार को पारा 44.01 डिग्री रहा। धनगढ़ी में 29 वर्ष बाद इतनी गर्मी पड़ी है। 16 जून 1995 को धनगढ़ी का तापमान 46.4 डिग्री था। मंगलवार को पहाड़ी व बर्फ पड़ने वाले डडेलधुरा में तापमान 32.8 रहा। दिपायल 41.8 व पोखरा में 31.2 डिग्री तापमान की गर्मी लोगों को झेलनी पड़ी। सेती अस्पताल के डाॅ कमर ने बताया कि गर्मी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। संवाद