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कीमत दिला नहीं पाए, बीमे से भी बाहर किया

Wed, 27 Jul 2016 09:42 PM IST
अमित गुप्ता  लखीमपुर खीरी।
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- फोटो : Getty
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प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों से फिर मुंह फेरा
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फसल बीमा में शामिल किए 1167 में से केवल 434 ग्राम पंचायत
तीन लाख से अधिक गन्ना किसानों फसल बीमा के लाभ से वंचित
चीनी मिलों से पूरा भुगतान दिलाने में नाकाम रही प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को झटका दिया है। दैवी आपदा से राहत के तौर पर मुआवजा दिलाने वाली फसल बीमा के लाभ से तीन लाख से अधिक किसानों को वंचित कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने जिले की 1167 ग्राम पंचायतों में से केवल 434 ग्राम पंचायतों को ही गन्ना फसल बीमा के लाभार्थियों में शामिल किया है। वह भी तब जिले में गन्ना रकबे का सर्वे करने के बाद 20 हेक्टेअर से अधिक गन्ना रकबे वाली 900 से अधिक ग्राम पंचायतें चिन्हित की गई थीं लेकिन बकौल जिला कृषि अधिकारी गन्ना विभाग ने केवल 434 ग्राम पंचायतों की ही जानकारी दी थी। 
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। खरीफ सीजन में फसल बीमा की कार्यवाही में शासन स्तर पर देरी हुई, जिससे 10 जून के बाद प्रमुख सचिव ने फसल बीमा के संबंध में शासनादेश जारी किया था। इसके बाद जिले में जुलाई के पहले पखवाड़े में कृषि अधिकारियों ने बैठक कर बैंकों और इंश्योरेंस कंपनी को फसल बीमा करने के निर्देश दिए थे। तब तक किसी ने गन्ना विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई सूची पर ध्यान नहीं दिया। फसल बीमा 31 जुलाई तक ही किया जाना है। फसल बीमा कराने के आवेदन पर जब बैंक अधिकारियों ने गन्ना किसानों का गांव सूची में खोजना शुरू किया तो उनके नाम नदारद मिले। इस पर बैंक अधिकारियों ने गन्ना फसल बीमा करने में असमर्थता जाहिर करते हुए किसानों को बैरंग कर दिया और इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी और जिला गन्ना अधिकारी को दी। इसके बाद से अफसरों में खलबली मची है। गन्ना विभाग के आंकड़े के मुताबिक जिले की 1167 ग्राम पंचायतों में करीब 5.20 लाख सट्टाधारक गन्ना किसान हैं, जो चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। इसमें से 900 से अधिक ग्राम पंचायतों में गन्ना के रकबा बीस हेक्टेअर से अधिक है। ऐसे में 733 ग्राम पंचायतों को फसल बीमा सूची से बाहर करने पर तीन लाख से अधिक किसान योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी छूटी हुई ग्राम पंचायतों को शीघ्र ही सूची में शामिल कराने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन बीमा योजना का लाभ लेने की अवधि 31 जुलाई 2016 तक ही है। ऐेसे में इन गांवों में किसान फसल बीमा का कितना लाभ लेे पाएंगे, यह सवाल उठ रहा है।
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गन्ना आयुक्त कार्यालय में हुई लापरवाही
विभागीय सूत्रों का कहना है कि दो साल पहले 900 से अधिक ग्राम पंचायतों की सूची गन्ना आयुक्त कार्यालय भेजी गई थी। वहां कार्यालय में स्टाफ की कमी के चलते तमाम ग्राम पंचायतों को उड़ाते हुए सिर्फ 434 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। 

 
गन्ना विभाग ने जितनी ग्राम पंचायतों की सूची कृषि निदेशालय भेजी थी, उन्हें शामिल किया गया है। धान फसल के लिए सभी 1167 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इस गड़बड़ी की बाबत जिला गन्ना अधिकारी को अवगत करा दिया गया है। 
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- अमर सिंह, जिला कृषि अधिकारी 

20 हेक्टेअर या इससे अधिक गन्ना एरिया वाली ग्राम पंचायतों को फसल बीमा योजना में शामिल किए जाने का प्रावधान है। छूटी हुई ग्राम पंचायतों को शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
- जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी 
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