वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण टालनी पड़ी सुनवाई
पूर्व विधायक मोतीलाल पैलवी के निधन के चलते पारित हुआ शोक प्रस्ताव
जेल में बंद आशीष मिश्र, अंकित आदि की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में बुधवार को वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई फिर आगे बढ़ गई है। जिला जज ने सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।
पूर्व विधायक मोतीलाल पैलवी के निधन के चलते बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ में शोक प्रस्ताव पारित हुआ, जिसके चलते बुधवार को सुबह से ही अधिवक्ताओं में न्यायिक कार्यों से विरत रहने की आशंका रही।
जिला जज ने बुधवार को जब अदालती कार्रवाई शुरू की तो अधिवक्ताओं ने वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने की जानकारी दी। इसी दौरान जिला अधिवक्ता संघ की ओर से शोक प्रस्ताव भी पारित हो गया। इसके बाद अदालत ने जेल में बंद आशीष मिश्र मोनू, अंकित दास, सुमित जायसवाल सहित सभी आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी उपस्थित सुनिश्चित की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों की पेशी हुई। इसके बाद तिकुनिया हिंसा से संबंधित पत्रावली की सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख मुकर्रर करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी और संबंधित अधिवक्ताओं को 24 अगस्त के लिए उपस्थित रहने को कहा है। बचाव पक्ष से अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, अनिल त्रिवेदी, सौरभ त्रिपाठी सहित कई वकील मौजूद रहे।
मीडिया कर्मी करें संतुलित रिपोर्ट
बुधवार को जिला जज ने बताया कि मीडिया कर्मियों को समाचारों के प्रकाशन में संतुलित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। कहा कि उन्हें पसंद नहीं कि उनका नाम खबरों में प्रकाशित हो। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी तिकुनिया हिंसा कांड मामले में अतिवादी रिपोर्टिंग से बचा जाए।