करोड़ाें रुपये खर्च कर गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ब्लाक बांकेगंज की ग्राम पंचायतों में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि वर्षों पहले बने 28 में मात्र पांच उपकेंद्राें पर गर्भवती महिलाओं को प्रसव सुविधा मिल रही है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए आठ किमी दूर जाना पड़ता है।
बता दें कि बांकेगंज सीएचसी क्षेत्र में 28 स्वास्थ्य उपकेंद्र बने हैं। इसमें सिर्फ मैलानी, पहाड़पुर, कुकहापुर, सिंगहा, जलालपुर में प्रसव कराने की सुविधा उपलब्ध है। अन्य ग्राम पंचायतों के मजरों उदयपुर, कुकरा, कालीचरनपुर, पहाड़नगर, वजीरगंज, संसारपुर, जनकपुर आदि में बने स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव सुविधा नहीं है। वर्षों पहले बने भवन जर्जर होकर गिरताऊ हो गए हैं। जहां खड़ी लंबी घास और गंदगी स्वास्थ्य सेवाओं को मुंह चिढ़ाती नजर आती हैं। इसको लेकर लोगो में रोष व्याप्त है।
ग्राम पंचायत ग्रंट 10, 11, खंजनपुर और पहाड़नगर प्रधान विजय लक्ष्मी गौतम, रितुरंजना गौतम, बलविंदर कौर, जयचंद आदि ने सेहत महकमे के अधिकारियों से पंचायतों में सभी स्वास्थ्य उपकेंद्राें में प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
उधर सीएचसी अधीक्षक गौरव खन्ना ने इस संबध में बताया कि बंद पडे़ उपकेंद्रों में डिलीवरी प्वाइंट की शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिली है। जिसकी मंजूरी मिलते ही संबधित केंद्रों पर प्रसव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।