जल निगम को पानी की जांच कराने के लिए कहा गया है। जांच के दौरान किसी भी बच्चे में खसरा के लक्षण नहीं मिले हैं। बावजूद इसके एएनएम के नेतृत्व तीन टीमें लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। शनिवार को डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की जांच के लिए 10 बच्चों के सैँपल लिए गए। कुछ लोग जांच कराने में आना कानी कर रहे हैं।
472 घरों में बुखार पीड़ित मिले नौ बच्चे
बच्चों की मौत होने बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने एंटीलार्वा का छिड़काव कराते हुए घर घर सर्वे कराया है। इसमें नौ बच्चे बुखार से पीड़ित मिले हैं। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि बच्चों की मौत के मामले में मोहल्ला सरैंया में 12 टीमे लगाकर 472 घरों का डोर टू डोर सर्वे कराया गया है। इसमें नौ बच्चे बुखार से पीड़ित मिले हैं। तीन टीमें लगाकर 76 बच्चों का टीकाकरण कराया गया।
जांच के लिए 61 सैंपल लिए गए। हालांकि डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया व टाइफाइड की जांच निगेटिव आई है। पांच बच्चों में से तीन की मौत बुखार एवं डायरिया से हुई है। सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। इसमें मौत का कारण दूषित पेयजल होना बताया जाता है।