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जिला प्रशासन ने शुरू की टेली मेडिसिन सेवा, सुबह 10 से रात 10 बजे तक चलेगी

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लखीमपुर खीरी। जनपद में स्वास्थ्य विभाग का आधे से ज्यादा स्टाफ संक्रमित है, तो वहीं ओपीडी बंद होने से सामान्य मरीजों को इलाज में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन ने पिछले साल की तरह इस बार भी जिला अस्पताल में टेली मेडिसिन सेवा शुरू कर दी है। इसमें आप घर बैठे ही चिकित्सकों से परामर्श ले सकते हैं।
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टेली मेडिसिन सेवा सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक चलेगी, जिसमें सुबह की पाली में फिजीशियन डॉ. आरएस मधोरिया व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश मौजूद रहेंगे। जबकि शाम की पाली में सर्जन, डॉ सतीश शर्मा मौजूद रहेंगे।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना की बढ़ती रफ्तार के लिए यह बहुत जरूरी है कि लोग ऐहतियात बरतें और जब तक जरूरत न पड़े, अनावश्यक डॉक्टरों और अस्पतालों का चक्कर लगाने से परहेज करें। सामान्य मरीज फोन करके अपनी बीमारी के बारे में परामर्श और दवा प्राप्त कर सकते हैं।
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पहली पाली
सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक: डॉ आरएस मधोरिया, एमडी फिजीशियन, मोबाइल नंबर- 9839109479, डॉ राजेश, बाल रोग विशेषज्ञ, मोबाइल नंबर, 7007967828
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शाम की पाली
शाम चार बजे से रात 10 बजे तक: डॉ सतीश वर्मा, सर्जन, मोबाइल नंबर, 7007966262
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हम हुए ठीक, आप भी होंगे
मोहम्मदी के दंपती ने दी कोरोना को मात
कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मोहम्मदी के पूर्व नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल रस्तोगी ने बताया कि 30 मार्च को उनकी पत्नी और उनका सैंपल लिया गया था, जिसकी चार अप्रैल को आई रिपोर्ट में दोनों संक्रमित निकले। उन्होंने बताया कि 14 दिनों तक वे होम क्वारंटीन रहे। इस बीच लखीमपुर और लखनऊ से वॉट्सएप के जरिये दोनों सुबह शाम सेहत के बारे में पूछताछ होती थी, जिसमें बुखार, ऑक्सीजन और पल्स रेट बताना पड़ता था। मोहम्मदी सीएचसी अधीक्षक द्वारा दी गई दवा 14 दिन तक खाते रहे। होम आइसोलेशन के लिए कमरा और बाथरूम होने आवश्यक है, जिससे परिवार के अन्य लोगों में संक्रमण फैलने की गुंजाइश बहुत कम होती है।
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कोरोना को मात दे चुकी अतुल रस्तोगी की पत्नी प्रीति रस्तोगी ने बताया कि वह अपने पति के साथ सुबह उठकर छत पर मॉर्निंग वॉक करते थे और नहाने-धोने के बाद खाली वक्त में किताबें पढ़कर और फिल्म देखकर अपना वक्त गुजारते थे। उन्होंने बताया कि संक्रमित होने से सात दिन पहले वैक्सीन लगवाई थी। प्रीति का लोगों को संदेश है कि कोरोना के लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं बल्कि जांच कराएं, उन्होंने बताया कि लक्षण बताने पर आप अस्पताल और प्रशासन की निगाह में आ जाते हैं, फिर अस्पताल प्रशासन आपके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेना शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि कोरोना को छिपाने से तमाम परेशानियां हो जाती हैं। इसलिए डरें नहीं कोरोना का डटकर मुकाबला करें।
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