लखीमपुर खीरी के ईसानगर अस्पताल में जमीन पर तड़पती पुष्पा। संवाद
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ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। शासन की ओर से भले की सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मुहैया कराने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत इसके उलट है। दर्द से पीड़ित मरीजों को दवा देने से पहले जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। सोमवार को एक ऐसा ही मामला खमरिया सीएचसी में उस समय देखने को मिला, जब कमर दर्द से पीड़ित एक महिला को सीएचसी अधीक्षक ने दवा देने के बजाय जांच के लिए लिखकर पल्ला झाड़ लिया। दर्द से राहत न मिलने पर दर्द से बेहाल महिला अस्पताल परिसर में ही जमीन पर तड़पती रही।
सोमवार को सीएचसी खमरिया डॉक्टरों की संवेदनहीनता उस समय देखने को मिली, जब गांव अंधपुर निवासी पुष्पा देवी पति हरिशंकर के साथ कमर दर्द की दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंची। हरिशंकर ने बताया कि अधीक्षक को दिखाया, जिस पर उन्होंने जांच कराने के लिए लिख दिया। जबकि पुष्पा दर्द से बेहाल पर वहीं जमीन पर लेटकर तड़पती रही। बताते हैं कि जब हरिशंकर ने अनुनय विनय की तो अधीक्षक ने जिला अस्पताल जाने की सलाह दे दी।
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कमर दर्द से पीड़ित एक महिला दवा लेने के लिए आई थी, जिसे जांच लिखकर जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन को दिखाने के लिए कहा था। अस्पताल परिसर में जमीन पर तड़पने के बाबत जानकारी नहीं है।
-डॉ. बीके स्नेही, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी खमरिया
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ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं मिली है। महिला यदि दर्द से पीड़ित थी तो पहले उसे दर्द निवारक दवा देनी थी, जांच बाद में हो जाती। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ