लखीमपुर खीरी। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अक्तूबर माह भर चलाए गए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान ही जिले में बुखार ने पांव पसार लिए। पिछले दो माह में धौरहरा, संसारपुर सहित कई गांवों में सैकड़ों लोग बुखार पीड़ित मिले हैं। इलाज के दौरान जांच होने पर 14 लोग डेंगू और 19 लोग मलेरिया पीड़ित मिले। जबकि बुखार से पीड़ित धौरहरा और संसारपुर में सात लोगों की मौत हो गई। धौरहरा निवासी बुखार पीड़ितों की मौत का कारण भी डेंगू बताया जाता है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा डेंगू से मौत होने के मामले से इनकार कर रहा है। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी बताते हैं कि पैथालॉजी संचालक प्लेटलेट्स कम होने को ही डेंगू बता देते है। जबकि वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती है।
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अभियान के दौरान डेंगू ने पसारे पांव
मलेरिया विभाग के आंकड़ों पर यदि गौर करें तो डेंगू ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण के दौरान ही जिले में पांव पसार लिए। अगस्त माह तक जिले में एक भी डेंगू संक्रमित नहीं था। सितंबर में डेंगू के तीन मरीज मिले और अक्तूबर माह में एक तरफ संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलता रहा और दूसरी तरफ डेंगू पांव पसारता रहा। अक्तूबर में नौ लोग संक्रमित मिले। अचानक डेंगू पीड़ितों की बढ़ी संख्या से अभियान को लेकर अधिकारियों की संजीदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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डेंगू के लक्षण
तेज सिर दर्द के साथ बुखार आना, मांसपेशियों के साथ जोड़ो में दर्द, आंखों के पीछे दर्द होना, गंभीर स्थित में नाक, आंख और मसूड़ंों से खून आना, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना।
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बचाव
प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी एबी सिंह बताते हैं कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। इसलिए कूलर, एसी, पानी की टंकी, फूलदान एवं छत पर ऐसी कोई चीज इकट्ठा न रखें, जिसमें पानी भरने की संभावना हा।
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यहां मिले डेंगू के मरीज
शहर क्षेत्र-चार, फरधान-चार, धौरहरा- दो, संसारपुर- एक, कुंभी- एक, ईसानगर- एक, पसगवां- एक
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मलेरिया
जिले में मिले मलेरिया संक्रमित-67
शहरी क्षेत्र-पांच
ग्रामीण क्षेत्र-62
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जहां कहीं पर बुखार पीड़ित की जानकारी मिल रही है। टीम भेजकर छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। डेंगू से अभी तक कोई मौत नहीं है।
-डॉ.मनोज अग्रवाल सीएमओ
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संसारपुर में मिला डेंगू संक्रमित, दो संदिग्धों की हो चुकी मौत
संसारपुर। मौसम में बदलाव और गंदगी की भरमार से कस्बा और क्षेत्र के गांवों में संक्रामक रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। कस्बा सहित बोझिया, भरिगवां आदि कई गांवों में कई लोग संक्रामक रोगों की चपेट में है। एक सप्ताह में जोखेपुर, संसारपुर में बुखार पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि बच्चे में डेंगू की पुष्टि हुई है। प्रधान रामप्रसाद देवल ने बताया संसारपुर पंचायत के मजरा बोझिया, बेलहिया, बगुली, सिंघटाली, झाला, दुर्जनपुर, संसारपुर में सफाई कराने के साथ सेनिटाइजेशन भी कराया जा रहा है।
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डॉक्टरों के न बैठने से परेशान हो रहे मरीज
बग्घून।कोरोना काल में संक्रामक रोगों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए है। कस्बा क्षेत्र के तमाम गांवों में बुखार से लोग परेशान है। मगर, पीएचसी ककरहा में डॉक्टर और स्टाफ का न बैठना दवा लेने आए मरीजों के लिए मुसीबत बन रहा है। भले की सर्दी के मौसम में अस्पताल का समय सुबह 10 से शाम चार बजे का निर्धारित हो, लेकिन जिम्मेदारों की अनुपस्थित में स्वास्थ्यकर्मी समय से पहले ही पीएचसी गेट पर ताला लगा देते हैं। इससे दूर दराज के गांव से आने वालों को बिना दवा के ही वापस लौट जाना पड़ता है। गांव के लोग बताते हैं कि डॉ उस्मान अयूवी हफ्ते में दो दिन आते हैं और शेष दिन चौकीदार राजेंद्र प्रसाद कार्य करते हैं।
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मढ़िया निवासी लालबहादुर ने बताया कि चार किलोमीटर पैदल चलकर दवा लेने आए थे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल कर्मी बताते हैं कि यदि डॉ. उस्मान को दिखाना है तो बुधवार या फिर मंगलवार को आओ।
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मढ़िया के ही आनंद ने बताया कि पिछले कई दिन से जाड़ा लगकर बुखार आ रहा है। दवा लेने के लिए सुबह ही अस्पताल आए गए थे। मगर, दो बजने को है। अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया।
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ढाखा निवासी नत्थूलाल का कहना है कि कई बार दवा लेने आए, लेकिन डॉ. अखिलेश नहीं मिले। हां, डॉ. उस्मानी दो दिन जरूर मिलते हैं। मगर, इनका भी कोई समय नहीं निश्चित नहीं है।
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अस्पताल का समय सुबह 10 से शाम चार बजे तक का है। डॉक्टरों को रोजाना आकर नियत समय तक बैठकर मरीज देखने चाहिए। समय से अस्पताल बंद करना गलत है। इसके लिए सीएमओ साहब को अवगत कराया जाएगा।
-एएन चौहान सीएचसी अधीक्षक मितौली
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डेंगू के बढ़े केस तो चेता महकमा
संसारपुर। क्षेत्र में डेंगू के बढ़ने और कई लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा चेता है। गांव में बुखार पीड़ितों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, छिड़काव कराने के साथ लोगों को जागरूक किया।
मलेरिया निरीक्षक पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि जांच टीम ने गांव में मोहम्मद आरिफ (40), गुलशन जहां (35), मोहम्मद मेराज (15), करीमुद्दीन (35), मोहम्मद तलहा (18), अबू समा (15) आदि मरीजों की जांच की। साथ ही नालियों और घर के अंदर दवा का छिड़काव किया। ग्रामीणों को जागरूक किया कि साफ सफाई से रहें, गंदा पानी कहीं एकत्र न होने दें। टीम में फील्ड वर्कर अकील खां, कीट संग्रह कर्ता सत्य प्रकाश मिश्र, इनडोर स्प्रेकर्ता ब्रजकिशोर मौजूद रहे। संवाद