आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जा रहे हाटकुक्ड की गुणवत्ता परखने के लिए फूड इंस्पेक्टर ने गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान घटिया खाद्य सामग्री का सैंपल भरकर एनजीओ प्रभारी नीरज से नाराजगी जाहिर की। इस दौरान नीरज ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सुधार लाने की बात कही। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से भी इंस्पेक्टर ने हाट कुक्ड फूड के बाबत बयान लिए।
फूड इंस्पेक्टर एमपी सिंह गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर के पास बनाए जा रहे खाने और गोदाम का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जांच के दौरान उन्हें तहरी की जगह गीली खिचड़ी मिली। खिचड़ी में दाल के दाने न मिलने पर वह काफी नाराज हुए। उसके बाद उन्हाेंने गोदाम का औचक निरीक्षण किया। गोदाम में घटिया किस्म की दाल, चावल, घी और तेल के अलावा सड़े आलू देखकर एनजीओ प्रभारी नीरज से नाराजगी जाहिर की।
उन्हाेंने कहा कि यहां का पानी बेहद खराब है। पानी की जांच कराकर अच्छे पानी का प्रयोग किया जाए। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में लगने वाले आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्री को बुलाकर खाने की गुणवत्ता परखने को कहा। कार्यकत्री ने बताया कि करीब एक माह से खाना बीआरसी के पास लगने वाले केंद्र पर नहीं पहुंच रहा है तो अन्य स्थानों की स्थिति कैसी होगा, समझा जा सकता है। उसने यह भी बताया कि कई बार खराब खाना होने के कारण बच्चों ने फेंक दिया था।
इंस्पेक्टर ने खाद्य सामग्री का सैंपल भी भरा। इस दौरान समाजसेवी हैप्पी सिंह नागरा ने बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।