उनका कहना है कि काले रंग में लेड ऑक्साइड होता है, जो शरीर रिसकर अंदर चला जाए तो किडनी भी खराब कर सकता है। हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है। इससे आंख और चेहरे पर सूजन आ जाती है, एलर्जी भी हो जाती है। सिल्वर रंग से स्किन कैंसर का खतरा रहता है।
नीले रंग से सफेद रंग का दाग हो सकता है। त्वचा पर एलर्जी हो सकती है। लाल रंग में मरक्यूरी सल्फाइड होता है, जो स्किन कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है। मिलावटी गुलाल से भी सेहत पर असर पड़ता है। इससे फेफड़ों की बीमारी का खतरा बना रहता है। स्टार्च भी रंग के साथ हानिकारक होता है।
रंगों से फंगल इंफेक्शन और एलर्जी का भी खतरा
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र गौतम ने बताया कि रंगों से फंगल इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा रहता है। इससे शरीर पर चकत्ते, दाने, खुजली आदि होने लगती है। रंग पड़ने के बाद तत्काल साबुन से धोएं और पूरी तरह सुखाने के बाद ही एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं। आराम न मिले तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने कहा कि रंगों से आंखों को बचाना चाहिए। प्राय: आंख में रंग पड़ने से कॉर्निया जाने का खतरा होता है। सावधानी न बरतने से आंखों में जलन, धुंधला दिखाई देने की आशंका रहती है।