फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हनुमान जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Sat, 04 Apr 2015 06:13 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथों में केसरिया झंडे, लबों पर बजरंग बली के जयकारे। रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का सैलाब शहर से आठ किलोमीटर दूर गुलरीपुरवा स्थित हनुमान मंदिर की ओर बढ़ता जा रहा था। ढोल, मृदंग और मंजीरों के साथ भजन-कीर्तन करतीं महिलाओं में गजब का उत्साह था। किसी धार्मिक समारोह में श्रद्धालुओं का इतना बड़ा हुजूम यहां पहली बार दिखा। शहर से पूरे जोश से जब यह कीर्तनमयी यात्रा रवाना हुई तो समूचा शहर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। पूरा शहर श्रद्धा से सराबोर था।
विज्ञापन

हनुमान जयंती पर शनिवार सुबह छह बजे विराट कीर्तनमयी पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा सुभाष पार्क से शुरू होकर नगर भ्रमण के बाद सीतापुर रोड स्थित गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर के लिए रवाना हुई। यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल थे। भीड़ का यह आलम था कि पदयात्रा के अंत का पता ही नहीं चल रहा था। पदयात्रा के दौरान लाल और केसरिया झंडों से शहर पट गया। शहर के ग्रामीण इलाकों से आए हजारों श्रद्धालु इस पदयात्रा में शामिल रहे। पदयात्रा का अगला हिस्सा जब गुलरीपुरवा पहुंच गया तब भी श्रद्धालुओं का रैला कम नहीं हुआ। 
आकर्षण का कें द्र्र रहीं भगवान की झांकियां
पदयात्रा में शामिल एक दर्जन से अधिक मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में अधिकतर हनुमान जी की और श्री राम दरबार की थीं। इनके अलावा भगवान शंकर, श्री राधा-कृष्ण की झांकियां भी काफी आकर्षक थीं। इन झांकियों के आगे लोग भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। सड़क किनारे से और छतों से लोगों ने इन झांकियों पर फूलों की बारिश की।
विज्ञापन

100 से ज्यादा स्टालों पर बांटा गया प्रसाद
शहर में और पदयात्रा के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं को पानी, शर्बत आदि पिलाने के लिए 100 से ज्यादा स्टाल लगाए गए थे। इसके अलावा हलवा, बूंदी और मिठाई का प्रसाद बांटा जा रहा था। गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
गुलरीपुरवा में श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतार
पदयात्रा के गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतार लग गईं। श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन करने के बाद प्रसाद चढ़ाया। 
बारिश के बावजूद कम नहीं हुआ उत्साह
सुबह तीन बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह पांच बजे ही लोग सुभाष पार्क में इकट्ठे हो गए। पदयात्रा के दौरान भी रिमझिम बारिश होती रही। इसके बावजूद कोई भी टस से मस नहीं हुआ। लोग अपनी यात्रा पूरी करने के बाद ही घर वापस हुए।
पदयात्रा से कायम हुई अनुशासन की मिसाल
भारी भीड़ के बावजूद पदयात्रा में गजब का उत्साह दिखाई दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी लेकिन पुलिस को भीड़ संभालने में जरा भी मशक्कत नहीं करनी पड़ी। लोग अनुशासित ढंग से पदयात्रा में चलते रहे। मात्र 160 स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था को संभाले रखा।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें