लखीमपुर खीरी। आज विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रमों में बड़ी-बड़ी बातें की जाएंगी, लेकिन छह महीनों से सहायक उपकरण का इंतजार कर रहे दिव्यांगों की अनदेखी की जा रही है। कोई ट्राइसिकल के लिए भटक रहा तो कोई कृत्रिम अंक लगवाने के इंतजार में है। ट्राइसिकल के नाम पर दिव्यांगों को सिर्फ पर्ची थमाई गई है।
जिले में 22 हजार पात्र दिव्यांग हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक माह 10 हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। इसमें कोई हाथ से दिव्यांग है तो कोई पैरों व आंखों से। 80 प्रतिशत दिव्यांगता वालों को सरकार की ओर से मोटराइज्ड ट्राइसिकल दिए जाने की व्यवस्था है। जनपद के काफी दिव्यांगों ने इसके लिए आवेदन किया, लेकिन मिले नहीं। जबकि वह पात्र हैं और उनका चयन भी हो चुका।
काफी दिव्यांगों को ट्राइसिकल के नाम पर पर्ची थमा दी गई, लेकिन ट्राइसाइकिल कब मिलेगी, कुछ भी पता नहीं है। दिव्यांजनों को जिलास्तर पर भी इसका समाधान नहीं मिल पा रहा है।
बोले दिव्यांग- हो रही अनदेखी
दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर मोटराइज्ड ट्राइसिकल के लिए आवेदन किया था, लेकिन मिली नहीं। 1076 पर शिकायत की थी तो जिला मुख्यालय बुलाया गया था। वहां से एक पर्ची दे दी गई थी। छह माह से अधिक हो गए, पर ट्राइसिकल नहीं मिली।
- हुस्नजहां, इस्लामनगर गोला
दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग हूं। गोला में किराना की दुकान चलाता हूं। कारोबार आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन बैंक उसको स्वीकृत नहीं कर रही है। तीन महीनों से बैंक के चक्कर काट रहा हूं। जबकि उसका रिकॉर्ड काफी अच्छा। नोड्यूज भी बनवा लिया, फिर भी अनदेखी की जा रही है।
-द्विगपाल, जगन्नाथपुर बांकेगंज।
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मार्च 2023 में ट्राइसिकल के लिए आवेदन किया था। जांच में पात्र भी पाया गया था, लेकिन आज तक नहीं मिली। ट्राइसाइकिल के नाम पर पर्ची थमा दी गई है। ट्राइसाइकिल पाने के लिए पर्ची लिए भटक रहा हूं।
-नरेंद्र, रामदीनपुर गोला
एलएमको कंपनी की ओर से दिव्यांजनों को सहायक उपकरण दिए जाते हैं। पूर्व सांसद के कार्यकाल के दौरान कंपनी की ओर से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन अभी तक नहीं मिल सके। सहायक उपकरण के लिए उनके पास काफी दिव्यांग आते हैं। विभाग में जो उपलब्ध होते हैं, वह दे दिए जाते हैं। कई बार शासन को पत्र लिखे गए हैं।
-अभय कुमार सागर, जिला सशक्तिकरण दिव्यांगजन अधिकारी
नरेंद्र,
नरेंद्र,