- जंगल नंबर तीन में शारदा नदी ने काटे बीस घर
- धौरहरा तहसील में शुरू हो गया नदियों का कहर
तहसील क्षेत्र के रमियाबेहड़ ब्लाक के लालापुर मजरा सुजानपुर में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दिया है। इसके चलते कुछ कृषि योग्य भूमि के साथ गांव के प्राथमिक स्कूल का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। शारदा नदी भी उफान पर है। इस नदी ने जंगल नंबर तीन के बीस बाशिंदों को बेघर कर दिया है। चहमलपुर में करीब दस मीटर बस्ती की भूमि कट चुकी है।
तहसील क्षेत्र की रमियाबेहड़ ब्लाक के लालापुर मजरा सुजानपुर के प्राथमिक स्कूल को घाघरा नदी ने लीलना शुरू कर दिया है। तेजी से कटान करती आ रही घाघरा नदी बस्ती की तरफ बढ़ रही है। अब तक नदी ने करीब दो सौ बीघा कृषि योग्य भूमि को काट कर स्कूल के आधे हिस्से को गिरा दिया है। यही स्थिति रही तो जल्दी ही पूरा स्कूल नदी में समा जाएगा। इसके अलावा धौरहरा ब्लाक के जंगल नंबर तीन गांव में शारदा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटों में शारदा नदी ने जंगल नंबर तीन गांव के सोवरन, बाबू, मधई, इतवारी, बृजरानी, प्रकाश, छैला, खरगी, चंद्रकली सहित बीस लोगों के घरों को अपनी लहरों में लपेट चुकी है। इंदल, सकटू, विनोद कल्लू, मैकिन, बिक्रम, देशराज सहित पचास घर नदी के कटान की कगार पर है। तहसीलदार नीरज पटेल ने बताया कि कटान पीड़ितों को ऊंचे स्थान पर बसाया जा रहा है। पीड़ितों को लंच पैकेट बांटे गए हैं। इसके साथ ही सत्तर लोगों को त्रिपाल वितरित किए गए हैं।
अब माथुरपुर स्कूल में पढे़ंगे लालापुर के बच्चे
रमियाबेहड़ के लालापुर प्राथमिक स्कूल के घाघरा नदी की चपेट में आ जाने से इस स्कूल में पढ़ने वाले 238 बच्चों के लिए पढ़ाई जरा मुश्किल होगी। इन बच्चों को अब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर पड़ोसी गांव माथुरपुर स्कूल में पढ़ने जाना होगा। लालापुर गांव के कुछ बच्चे ऐसे भी हैं, जिनकी उम्र पांच-छह साल है। खंड शिक्षा अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि स्कूल कटने की स्थिति में पड़ोसी गांव माथुरपुर में बच्चों को पढ़ाने को कहा है, डेढ़ किमी दूरी ज्यादा नहीं है सभी बच्चे आ जाएंगे।