ऐशबाग-मैलानी रूट पर बुधवार को राहगीरों की सजगता की वजह से बड़ा हादसा
होते-होते बच गया। हुआ यूं कि मालगोदाम और एसएसबी मुख्यालय के पास रेलवे
ट्रैक के ऊपर से गुजरी 33केवीए की शारदानगर-फरधान की हाईटेंशन लाइन का तार
टूट कर लटक गया। इस बीच ऐशबाग से चलकर इज्जतनगर जा रही आगरा फोर्ट
एक्सप्रेस ट्रेन आउटर सिग्नल पर पहुंच गई। लोगों ने जब रेलवे ट्रैक पर
बिजली का तार लटकते और ट्रेन को आते देखा तो उन्हें खतरे का एहसास हुआ।
आनन-फानन में लोगों ने लाल स्वेटर, कपड़ा लहराकर चालक को ट्रेन रोकने का
इशारा किया। लोगों के कपड़ा लहराते देख चालक ने भी समझदारी का परिचय देते
हुए बिजली के तार से कुछ दूरी पर ट्रेन रोक दी और लखीमपुर स्टेशन मास्टर को
इसकी जानकारी दी। ट्रैक के ऊपर तार लटकने की सूचना मिलने पर रेलवे के
यातायात निरीक्षक सी लाल, एसओ जीआरपी चेतराम वर्मा, आरपीएफ चौकी इंचार्ज
केआर रावत समेत तमाम रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बिजली विभाग के
अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद अवर अभियंता मोहम्मद कामिल और अब्दुल
जब्बार के अलावा बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बिजली का तार
जोड़ा गया। इस पूरी कवायद में करीब एक घंटे तक ट्रेन आउटर सिग्नल पर खड़ी
रही। तार जुड़ने के बाद ही ट्रेन रवाना की जा सकी।
गार्डिंग के कमजोर होने से टूटा तार
रेलवे
ट्रैक पर बिजली लाइन टूट कर लटकने के मामले में बिजली अधिकारियों की
लापरवाही सामने आई है। बताते हैं कि कई वर्षों से बिजली लाइन की गार्डिंग
खराब थी लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। अधिकारियों ने गार्डिंग
कमजोर होने की बात स्वीकार की है। उनका कहना था कि अगर रात के समय बिजली
लाइन टूटती तो भयानक हादसा हो सकता था।