शिक्षक दंपती पर एक साथ हुई कार्रवाई, पति निलंबित पत्नी का वेतन बाधित
लखीमपुर खीरी। नकहा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अंबुआपुर की शिक्षिका को अपने सहकर्मियों की शिकायत करना भारी पड़ गया। बीएसए लक्ष्मीकांत पांडेय ने बीईओ नकहा की रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता शिक्षिका समेत उसी विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया। इसी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भीरा घासी में तैनात शिक्षक दंपति के विरुद्घ भी बीएसए ने कार्रवाई की है, जिसमें प्रधानाध्यापक पति को निलंबित किया गया है और शिक्षिका पत्नी का वेतन बाधित किया गया है।
प्राथमिक विद्यालय अंबुआपुर की शिक्षिका रूबी ने 16 नवंबर और 26 नवंबर 2022 को बीएसए कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शालिनी सिंह, शिक्षामित्र पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच बीईओ मुख्यालय से कराई गई, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के समय शिकायतकर्ता शिक्षिका रूबी ने इंचार्ज शिक्षिका शालिनी सिंह, शिक्षामित्र सीमा वर्मा के अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय अमृतागंज के शिक्षक संतोष कुमार वर्मा पर भी प्रताड़ित करने के आरोप लगाए, लेकिन इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिया। जांच के समय दोनों शिक्षिकाएं एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगीं। इस दौरान कुछ गांव की महिलाएं भी आकर शिक्षिकाओं के पक्ष में अपनी बात रखने लगीं। इससे शिक्षिकाओं के आपसी विवाद में विद्यालय का माहौल खराब होने और विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप तय करते हुए बीईओ ने दोनों शिक्षिकाओं रूबी व शालिनी सिंह के निलंबन की संस्तुति कर दी। वहीं शिक्षामित्र सीमा वर्मा और शिक्षक संतोष कुमार वर्मा को क्लीन चिट दे दी। इस पर बीएसए लक्ष्मीकांत पांडेय ने दोनों शिक्षिकाओं रूबी व शालिनी सिंह को निलंबित कर दिया है। रूबी को प्राथमिक विद्यालय ककरहा में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, जबकि प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए बीईओ धौरहरा और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा की संयुक्त टीम बनाई है।
दूसरा मामला प्राथमिक विद्यालय भीरा घासी का है, जहां बीईओ ने 21 नवंबर 2022 को निरीक्षण किया था। जांच में प्रधानाध्यापक अजीम खां, शिक्षक तारिक और शिक्षिका रोशन जहां अनुपस्थित पाए गए। बीईओ की जांच के दौरान 9.45 बजे शिक्षक तारिक विद्यालय पहुंचे। बीईओ ने जांच में पाया कि पिछले तीन दिनों में एमडीएम पंजिका में बच्चों की उपस्थिति क्रमश: 220, 217, 197 दर्शाई गई, जबकि मौके पर पंजीकृत 427 बच्चों के सापेक्ष मात्र 48 बच्चे ही उपस्थित मिले। इससे बीईओ ने करीब 150 बच्चों के नाम पर अनाज व कन्वर्जन कास्ट के गबन का मामला पकड़ा। साथ ही दिव्यांगों के शौचालय में मानक के अनुसार सामग्री नहीं पाई गई। इस दौरान ग्रामीणों ने बीईओ को बताया कि शिक्षिका रोशन जहां प्रधानाध्यापक अजीम खां की पत्नी हैं, जो विद्यालय से अक्सर अनुपस्थित रहती हैं। उपस्थिति पंजिका पर फर्जी हस्ताक्षर बनाए जाते हैं। इससे बीईओ ने प्रधानाध्यापक को पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने, बच्चों की अधिक उपस्थिति दर्शाकर एमडीएम में गबन करने का दोषी मानते हुए निलंबन की संस्तुति की और शिक्षिका पत्नी रोशन जहां के उपस्थिति पंजिका पर बनाए गए हस्ताक्षरों की जांच कराने की संस्तुति की। इस पर बीएसए लक्ष्मीकांत ने प्रधानाध्यापक अजीम खां को निलंबित कर दिया है और उनकी पत्नी रोशन जहां का वेतन रोक दिया है। साथ ही आरोपों की विस्तृत जांच के लिए बीईओ मुख्यालय व जिला समन्वयक एमडीएम की संयुक्त टीम बनाई है।