ठंड में दिल के मरीज रखें अपना विशेष ख्याल
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 25 से 30 मरीज
लखीमपुर खीरी। सर्दी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में हृदय, उच्च रक्तचाप एवं सांस के मरीज पहुंचने लगे हैं। इस तरह के रोजाना 25 से 30 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशयन डॉ. आरएस मधौरिया बताते हैं कुछ दिनों से पारा निरंतर गिर रहा है। ऐसे में धमनियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे हार्टअटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बढ़ती ठंड में दिल की सेहत का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है।
उन्होंने बताया कि सर्दी में रक्त कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं। खून का प्रवाह ढंग से नहीं हो पाता, जबकि हृदय की गति बढ़ जाती है। इसके चलते दिल पर अधिक जोर पड़ता है। ऐसे में हार्टअटैक होने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि जब से सर्दी बढ़ी है तब से ओपीडी में सांस के मरीजों से लेकर दिल संबंधी दिक्कतों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में मरीज दवाओं का निरंतर सेवन करते रहें, क्योंकि सर्दी में जरा सी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
हार्टअटैक के लक्षण
- तेजी से ब्लड प्रेशर का बढ़ना
- सोने में दबाव और दर्द होना
- दर्द सीने से होकर हाथ और मुंह तक आना
- तेजी से सांस फूलना
- सांस लेने में दिक्कत होना
हार्टअटैक से बचाव के तरीके
- 24 घंटे में पांच चम्मच से ज्यादा चीनी का न करें इस्तेमाल
- प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे ही करें फोन का इस्तेमाल
- प्रतिदिन 30 मिनट करें शारीरिक अभ्यास
- बाहर खाने से बचें, नमक ज्यादा न खाएं
- सर्दियों में भी रोजाना न्यूनतम तीन लीटर पानी पीयें।
ठंड में ऐसे करें बचाव
- सर्दी से बचें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- चिकनाई वाले पदार्थों का सेवन न करें
- शरीर की हल्की मालिश कर धूप में बैठें
- पूरी नींद लें और तनाव से दूर रहें
- मांसाहार से परहेज कर ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें
- रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर परामर्श लेते रहे
- नाश्ते में अंकुरित अनाज का प्रयोग करें
- खाने में दही और सलाद का सेवन करें