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Sikkim Avalanche: बर्फ की चट्टान देख सेल्फी चढ़े थे पहाड़ पर... हिमस्खलन से चली गई पिता-पुत्री की जान

Sat, 08 Apr 2023 10:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

सिक्किम में हिमस्खलन से हुए हादसे में लखीमपुर खीरी के स्वास्थ्यकर्मी और उनकी बेटी की मौत हो गई थी। दोनों के शव शुक्रवार को पैतृक गांव लाए गए, जहां दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
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चंदनचौकी के सौनहा गांव में अपने पिता व रिश्तेदार के साथ बैठीं मृतक बाल सिंह की पत्नी।
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विस्तार
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सिक्किम में मंगलवार को हुए हिमस्खलन से लखीमपुर खीरी के स्वास्थ्यकर्मी 32 वर्षीय बाल सिंह और उनकी पांच वर्षीय पुत्री रेव्या सिंह उर्फ चीकू की जान चली गई थी। उनकी पत्नी के मुताबिक, सेल्फी लेने के लिए बाल सिंह बेटी के साथ ऊपर की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक हिमस्खलन होने से दोनों की मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सौनहा गांव के मूल निवासी और वर्तमान में लखीमपुर के कमलापुर की राना कॉलोनी में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मी बाल सिंह की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि मंगलवार को सिक्किम में कई जगह पर हिमस्खलन होने से रास्ता बंद हो गया था। इसके बाद वह लोग वहीं स्थित एक होटल में रुक गए थे। फिर पता चला कि रास्ता साफ किया जा रहा है, जिसके बाद सभी गाड़ी से घूमने के लिए निकले थे।

बर्फ की चट्टान देख रुकवाई थी गाड़ी 

रेखा बताती हैं कि रास्ते में एक जगह बर्फ की चट्टान देखने के बाद पति बाल सिंह ने गाड़ी रुकवा दी और सेल्फी लेने की बात कही। वहां अन्य लोग भी सेल्फी लेते दिख रहे थे। मना करने के बाद भी पति बेटी को लेकर फोटो खींचने के लिए चले गए। उन्होंने बताया कि इसी दौरान अचानक हुए हिमस्खलन के बाद वहां मौजूद सब हैरान रह गए। समझ ही नहीं आया कि पलभर में क्या हो गया। चारों तरफ चीख पुकार मच गई और सभी उसमें दबे हुए अपने साथियों की तलाश करने लगे।
 

चंदनचौकी के सौनहा गांव में अपने पिता व रिश्तेदार के साथ बैठीं मृतक बाल सिंह की पत्नी।

 

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पिता-पुत्री के शव देख नम हुईं आंखें 

परिवार वालों ने बताया कि गुरुवार को लखनऊ तक शव लाया गया था। इसके बाद वहां से एंबुलेंस के जरिए शव लखीमपुर लाया गया। यहां से शव देर रात घर पहुंचा तो परिजन में कोहराम मच गया। सुबह गमगीन माहौल में पहले बाल सिंह और उसके बाद पुत्री रेव्या सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, वहां जो मौजूद था, हर किसी की आंख नम रही।


तीन भाइयों में सबसे छोटे थे बाल सिंह 

बाल सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई बद्दल सिंह और उसके बाद दूसरे नंबर के भागी राना गांव में ही रहते हैं। जबकि बाल सिंह की नौकरी लगने के बाद वह अपने परिवार के साथ लखीमपुर में रहने लगे थे। 

बाल सिंह की पत्नी रेखा देवी सन् 2012 में बेलरायां के भेडौरी गांव की प्रधान रह चुकी हैं। रेखा के पिता भैरव बेलरायां के इंडियन बैंक में कार्यरत हैं और करीब 20 वर्षों से वह बेलरायां में ही रह रहे हैं, जबकि सौनहा गांव में भी उनका घर है। रेखा ने 2012 में भेडौरी गांव से प्रधानी का चुनाव लड़ा था और जीत भी दर्ज की थी।

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