पिता-पुत्री के शव देख नम हुईं आंखें
परिवार वालों ने बताया कि गुरुवार को लखनऊ तक शव लाया गया था। इसके बाद वहां से एंबुलेंस के जरिए शव लखीमपुर लाया गया। यहां से शव देर रात घर पहुंचा तो परिजन में कोहराम मच गया। सुबह गमगीन माहौल में पहले बाल सिंह और उसके बाद पुत्री रेव्या सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, वहां जो मौजूद था, हर किसी की आंख नम रही।
तीन भाइयों में सबसे छोटे थे बाल सिंह
बाल सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई बद्दल सिंह और उसके बाद दूसरे नंबर के भागी राना गांव में ही रहते हैं। जबकि बाल सिंह की नौकरी लगने के बाद वह अपने परिवार के साथ लखीमपुर में रहने लगे थे।
बाल सिंह की पत्नी रेखा देवी सन् 2012 में बेलरायां के भेडौरी गांव की प्रधान रह चुकी हैं। रेखा के पिता भैरव बेलरायां के इंडियन बैंक में कार्यरत हैं और करीब 20 वर्षों से वह बेलरायां में ही रह रहे हैं, जबकि सौनहा गांव में भी उनका घर है। रेखा ने 2012 में भेडौरी गांव से प्रधानी का चुनाव लड़ा था और जीत भी दर्ज की थी।