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गाइड लाइन के इंतजार में फंस गया बजट

Thu, 07 Jan 2016 10:24 PM IST
लखीमपुर खीरी
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एक तरफ जहां नए नवेले प्रधान गांवों में विकास कार्य कराने के लिए बजट का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बजट जारी करने वाला पंचायतीराज विभाग केंद्र और राज्य सरकार से बजट खर्च करने के लिए गाइडलाइन की राह तक रहा है। दरअसल 14वें वित्त और राज्य वित्त आयोग से विभाग को बजट तो मिल गया है, लेकिन गाइडलाइन न मिलने के कारण अधिकारी ग्राम पंचायतों को बजट का आवंटन नहीं कर पा रहे हैं।
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बता दें कि वर्ष 2015-16 में विकास कार्य कराने के लिए राज्य वित्त आयोग से अभी ग्राम पंचायतों को पहली किस्त ही जारी हो पाई है, लेकिन इसी बीच ग्राम पंचायतों में चुनाव होने के कारण बजट जारी नहीं किया जा सका। अब नई ग्राम पंचायतों का गठन भी हो गया है और समितियों के गठन के बाद विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जिले में पहले 995 ग्राम पंचायतें थीं, लेकिन परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1167 हो गई है। ऐसे में राज्य वित्त आयोग के बजट में बढ़ी हुई 172 नई ग्राम पंचायतों को भी सम्मिलित करना है। पंचायतीराज विभाग इस इंतजार में है कि सभी ग्राम पंचायतों को बजट जारी करने संबंधी शासन से नई गाइड लाइन मिलने के बाद ही वित्तीय प्रक्रिया शुरू की जाए। वहीं पंचायतीराज विभाग को केंद्र सरकार से भी 14वें वित्त आयोग की पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन ग्राम पंचायतों में बजट खर्च करने को लेकर अधिकारियों को गाइड लाइन नहीं मिल पाई है। यहां गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 मार्च महीने में समाप्त हो रहा है, ऐसे में बजट खर्च करने में भी कम ही दिन बचे हैं। अधिकारियों की चिंता यह है कि अगर गाइड लाइन मिलने में लेटलतीफी हुई तो विकास कार्य भी देरी से शुरू हो पाएंगे।
ग्राम पंचायतों को इन मदों में मिलेगा बजट
ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त में 39.70 करोड़ और राज्य वित्त में तीन किस्तों में 37.36 करोड़ रुपये जारी किया जाना है। इस हिसाब से एक ग्राम पंचायत को उनकी आबादी के मुताबिक विकास कार्यों के लिए करीब दो करोड़ रुपये मिलेंगे। चुनाव संपन्न होने के बाद पंचायतीराज विभाग ने बजट जारी करने के लिए लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। बैंकों में प्रधानों और सेक्रेटरी का संयुक्त खाता भी खुलवा दिया गया है।
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