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घटतौली के विरोध में तौल लिपिकों ने की हड़ताल

Sun, 14 Feb 2016 10:08 PM IST
लखीमपुर/धौरहरा।
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गुलरिया चीनी मिल के गेट पर अब तक किसानों ने ही घटतौली के आरोप लगाए थे, लेकिन अब गन्ना सेंटरों के तौल लिपिकों ने भी मिल गेट पर घटतौली के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। रविवार को कई गन्ना सेंटरों पर तौल बंद करते हुए तौल लिपिकों ने हड़ताल शुरू कर दी, जिससे गन्ना सेंटरों पर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब पांच घंटे की गहमागहमी के बीच जीएम केन सुरेंद्र उपाध्याय ने हड़ताली तौल लिपिकों से बातचीत कर मामला शांत कराया, जिसके बाद तौल सुचारू हो सकी।
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गुलरिया चीनी मिल के कफारा, भूलनपुर, मल्लबेहड़, जटपुरवा, लखनपुरवा, तेजनपुरवा, होलागढ़, बुचवा सहित करीब दर्जन भर सेंटरों पर तौल लिपिकों ने सुबह से ही कार्य बहिष्कार कर दिया। तौल लिपिक  मिल को जाने वाले ट्रकों से गेट पर घटतौली का आरोप लगाते हुए मिल के क्षेत्रीय कार्यालय शारदानगर में एकत्र हुए। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को जटपुरवा सेंटर से जो गन्ना गया, उसमें मिल गेट पर नौ क्विंटल का अंतर आया, जिसको लेकर तौल लिपिकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। रविवार सुबह सभी गन्ना सेंटर इंचार्ज शारदानगर मे एकत्र हुए और समस्या का समाधान न होने तक हड़ताल की चेतावनी दी। इसकी खबर मिलते ही मिल अधिकारियो के हाथ-पैर फूल गए। आनन फानन में जीएम केन सुरेंद्र उपाध्याय सहित कई अधिकारी शारदानगर पहुंचे। काफी मानमनौव्वल के बाद सेंटर इंचार्ज माने। दोपहर बाद सेंटरों पर तौल शुरू हो सकी, तब तक गन्ना किसान काफी परेशान रहे। मिल के सीनियर सीडीओ प्रदीप यादव ने बताया कि तौल लिपिक परमानेंट पोस्ट के लिए कह रहे है इसलिए शारदानगर में आए थे, जिस कारण तौल में देरी हुई।
गुलरिया चीनी मिल के जीएम केन सुरेंद्र उपाध्याय के अनुसार बगैर क्वालिटी का गन्ना सेंटरों से ट्रकों में लोडकर भेजा जा रहा है, जिससे रिकवरी अच्छी नहीं हो पाती है। इसलिए साफ सुथरा गन्ना भेजने के लिए तौल लिपिकों को निर्देश दिए गए थे और साथ ही किसानों को जागरूक करने के लिए कहा गया था। बेलरायां समिति में समस्याएं आ रही हैं। घटतौली की बात सही नहीं है।
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