जिले में दिमागी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बुखार और एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाटिस सिंड्रोम) से पीड़त बच्चों से जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल हो गया है। बुधवार को यहां भर्ती कराए गए पांच और बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन बच्चों का सीरम जांच के लिए लखनऊ भेजा है। अब तक जिला अस्पताल में लाए गए एईएस के पीड़ित बच्चों की संख्या दस तक पहुंच गई है।
जिन बच्चों को भर्ती कराया गया है उनमें निघासन क्षेत्र के ग्राम लखाही निवासी अमीरे का 7 वर्षीय पुत्र मुस्तकीम, कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम दोनवा निवासी इस्लाम का 9 वर्षीय पुत्र अरमान, थाना क्षेत्र गोला के ग्राम अमजाबेहड़ निवासी महेश का 7 वर्षीय पुत्र जोगेंद्र, थाना क्षेत्र खीरी के ग्राम अंबरसोत निवासी तिलकराम का 9 वर्षीय पुत्र नीरज और थाना क्षेत्र फूलबेंहड़ के ग्राम टेड़वा निवासी राकेश की 3 वर्षीय पुत्री गौरी शामिल है। इनके अलावा पांच बच्चों में मंगलवार को एईएस के लक्षण मिले थे। इन बच्चों को मिलाकर अब एईएस से पीड़ित बच्चों की संख्या दस तक पहुंच गई है। जिले में दो दिन के अंदर दस बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। दिमागी बुखार को ध्यान में रखकर इन बच्चों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
क्या हैं लक्षण
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा.आरके वर्मा ने बताया कि दिमागी बुखार में पीड़ित को तेज बुखार के साथ सिर में दर्द और उल्टी, गर्दन में अकड़ के अलावा झटके आते हैं तथा गंभीर बच्चों में बेहोशी भी हो जाती है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है जेई
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि इसका बैक्टीरिया सुअर के शरीर में पलता है, जब क्यूलेक्स मादा मच्छर सुअर को काटता है तो यह बैक्टीरिया मच्छर में आ जाता है इसके बाद जब वही मच्छर किसी व्यक्ति को काटता तो मच्छर से बैक्टीरिया उस व्यक्ति में पहुंच जाता है। इससे पीड़ित के दिमाग में सूजन आ जाती है। यदि समय से सही उपचार न मिले तो यह जानलेवा हो जाता है।
क्या है बचाव
सीएमओ डॉ.वीके साहू ने बताया कि दिमागी बुखार मच्छर जनित बीमारी है। इसलिए मच्छरों से बचाव आवश्यक है। घर के आसपास गंदगी और जलभराव न होनें दे रात में मच्छरदानी लगाकर सोएं। तेज बुखार या अन्य लक्षण होने पर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किए बचाव कार्य
सीएमओ डॉ.वीके साहू ने बताया कि जिला अस्पताल में मंगलवार को पांच बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण मिलने के बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। मंगलवार को जिन पांच बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण मिले थे उनमें संपूर्णानगर क्षेत्र का गांव विशेनपुरी, नीमगांव क्षेत्र का ग्राम लूकेपारा और भीरा क्षेत्र के ग्राम भानपुर तथा ईसानगर क्षेत्र के गांव कबिरहा का एक-एक बच्चा था। पांचवा बच्चा जिला सीतापुर का था। बुधवार को इन सभी गांवों में टीमें भेजकर गांव में लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। इन गांवों में जो बुखार के अन्य मरीज मिले हैं उन्हें दवाएं वितरित कराई गई हैं। इन गांवों में छिड़काव भी कराया गया है।