राजेश सिंह बंगलूरू में एक अस्पताल में मेल नर्स के पद पर कार्यरत हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े होने के कारण वह प्रदूषण के दुष्प्रभावों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बातों से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी शादी में ई-रिक्शों का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
यादगार बन गई बरात
राजेश कहते हैं, 'प्रदूषण का असर सीधे लोगों की सेहत पर पड़ता है। मैंने सोचा कि शादी जैसे खास अवसर पर अगर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाए तो यह समाज के लिए भी उपयोगी होगा। ई-रिक्शों से खर्च कम हुआ और बरात भी यादगार बन गई।
राजेश के पिता बहादुर सिंह अपने बेटे की सोच पर गर्व महसूस करते हैं। उनका कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के दौर में ऐसे प्रयास समय की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के सुझाव पर पूरे परिवार ने सहमति जताई और आज उन्हें खुशी है कि शादी के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने का अवसर मिला।