गोविंद शुगर मिल्स ऐरा के को-जनरेशन प्लांट ने व्यवसायिक रूप से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है। इस संयंत्र से प्रतिदिन 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इकाई प्रमुख आलोक सक्सेना ने बताया कि चीनी उद्योग की विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद मिल प्रबंधन ने पावर प्लांट और चीनी मिल का विस्तारीकरण करने का साहसिक निर्णय किया है। यह कार्य वर्ष 2013 में चालू किया था जिसे बृहस्पतिवार को शुरू किया गया।
इकाई प्रमुख आलोक सक्सेना ने बताया कि संयंत्र से सीजन में 27 मेगावाट और ऑफ सीजन में 23 मेगावाट बिजली की आपूर्ति ग्रिड को दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत पारेषण लाइन का कार्य उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन को जून 2014 तक पूर्ण करना था लेकिन अभी 95 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। इसके कारण हम संयंत्र को पूर्ण क्षमता पर चलाने में असमर्थ हैं इसका प्रभाव चीनी मिल को विस्तारित क्षमता पर चलाने में भी पड़ सकता है।