बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन अजय कुमार शुक्ला ने प्रदेश सरकार द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका समाप्त किए जाने की निंदा की है। इसके विरोध में 11 सितंबर को प्रदेश के वकील आंदोलन करेंगे। बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने, लोकपाल संस्था को मजबूत करने तथा इसे बहु सदस्यीय बनाने और आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की पुलिस को लोकायुक्त के अधीन करने का वादा किया था लेकिन ठीक उसके विपरीत लोकायुक्त संस्था को कमजोर कर अपने चहेते विवादास्पद व्यक्ति रवींद्र सिंह यादव की नियुक्ति करने का प्रयास किया जो निंदनीय है। भ्रष्टाचार के मामलों मेें जेल गए अधिकारियों को इस सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया तथा प्रदेश के सबसे बड़े घोटालेबाज यादव सिंह को बचाने का पूरा प्रयास इस सरकार ने किया। उन्होंने कहा सरकार के आचरण से प्रदेश की जनता आक्रोशित है। इस संबंध में 11 सितंबर को प्रदेश भर के अधिवक्ता सरकार के रवैये के विरोध में आंदोलन करेंगे।