मुख्य मार्गों पर भरा शारदा का पानी, नाव बनी सहारा, फसलें जलमग्न
शारदा का जल स्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के कई गांवों के चारों तरफ पानी भर गया है। कई मुख्य मार्गों पर कई फुट पानी बह रहा है। गांवों का संपर्क प्रमुख मार्गों से कट गया है। ग्रामीणों के लिए आनेजाने के लिए नाव एक मात्र सहारा बनी है। प्रशासन की ओर से नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से शारदा का जलस्तर बढ़ गया है। गांव जीतपुरवा, मिठुई, बैलहा, मंडप फार्म आदि गांवों के चारों तरफ पानी भर गया है। गन्ना, धान और मक्के की फसल भी डूब गई है। अधिक पानी आने से धान की फसल को नुकसान हो सकता है। पानी का तेज बहाव होने के कारण गौढ़ी पुरवा से ठाकुर पुरवा जाने वाले मार्ग पर रपटा पुल से पहले सड़क कट जाने से गहराई बढ़ गई है। वहां पर लोग बमुश्किल निकल पा रहे हैं। लोग पैदल निकल कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। उधर मिठुई, लोखंदरपुर, मटहिया आदि गांवों के संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी करीब तीन से चार फुट चल रहा है, जिससे लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों को लाने और ले जाने के लिए ग्रामीणों ने प्राइवेट नावें लगा रखी हैं, जिसकी उतरवाई भी नाविक को देनी पड़ती है। उधर सरयू, घाघरा आदि का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे लोगों के बाढ़ के चलते परेशानी बढ़ रही है। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि बाढ़ चौकियां बनाई गई है। प्रशासन भी एलर्ट है। फिलहाल अभी स्थित सामान्य है।