लखीमपुर खीरी। तमाम उम्मीदों के बाद भी जनपद वासियों को परिवहन के मामले में इस साल कुछ खास नहीं मिला। सबसे बड़ी निराशा दिल्ली के लिए अब तक कोई ट्रेन नहीं है। जनपद का अधिकांश व्यापार दिल्ली से जुड़ा है। काफी युवा दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं, तो काफी लोगों का नौकरीपेशा की वजह से आना-जाना रहता है। ट्रेन सुविधा न होने से लोग महंगा व जोखिम भरा सफर करने के लिए मजबूर हैं।
करीब छह महीने पहले लखीमपुर होते हुए दिल्ली से लखनऊ के लिए एक ट्रेन शुरू हुई थी, जो सप्ताह में दो बार चलती थी। इससे काफी लोगाें को फायदा हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद ही वह बंद हो गई, जिसके बाद कोई ट्रेन नहीं चली। इतना ही नहीं, लखीमपुर से ट्रेनों की संख्या भी समिति है।
24 घंटे में मात्र पांच जोड़ी ट्रेनें सुबह-शाम हैं। दोपहर के समय कोई ट्रेन नहीं है। लोगों को लखनऊ, सीतापुर, पीलीभीत आदि जगह जाने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा लखीमपुर डिपो को नया बस अड्डा नहीं मिल सका, हालांकि इस साल जमीन मिली है।
वर्ष 2025 में जिले को ये मिलीं उपलब्धियां
-गोरखपुर- पीलीभीत एक्सप्रेस ट्रेन का बरेली के इज्जतनगर तक विस्तार हुआ। लखीमपुर से अभी तक बरेली के लिए ट्रेन नहीं थी, लेकिन इसके विस्तार होने से राहत मिली है।
-लखीमपुर डिपो अभी तक अनुबंधित बसों के सहारे था, लेकिन इस बार डिपो को 12 निगम की बसें मिली हैं, जिससे कई नए मार्गों पर बसों का संचालन शुरू हुआ है। गोला डिपो को भी 25 नई बसें मिली।
-लखीमपुर, गोला गोकर्णनाथ व मैलानी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प कराया गया, जहां यात्रियों के लिए काफी सुविधाएं बढ़ीं। साथ ही तीनों रेलवे स्टेशन देखने में काफी आकर्षक हैं।
-लखीमपुर डिपो को 62 साल बाद नए बस अड्डे के लिए जमीन मिल गई है। नया बस अड्डा बनने के साथ ही वर्कशाॅप भी बनेगा।
-बेहजम मार्ग पर प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) सेंटर की उपलब्धि मिली है। एडीटीसी सेंटर वाला यह प्रदेश का 21वां जिला है। इस केंद्र पर प्रशिक्षण के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं।
-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजधानी लखनऊ से रोजाना एक एसी बस शुरू हुई, जो दुधवा तक पर्यटकों को लाने-ले जाने के लिए शुरू की गई है।
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2026 में ये हैं उम्मीदें
-बरेली वाया लखीमपुर लखनऊ रेलखंड के दोहरीकरण की उम्मीद है, जिसको स्वीकृति मिल चुकी है।
-लखीमपुर डिपो को नया बस अड्डा मिलने के साथ ही खुद का वर्कशॉप मिलेगा।
-आला हजरत ट्रेन लखनऊ से भुज तक चलेगी। इससे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात तक सफर आसान होगा।
-लखीमपुर डिपो से दिल्ली के लिए चार एसी बसें मिलने की उम्मीद, जिसका प्रस्ताव भेजा गया है।
वर्ष 2025 में लखीमपुर डिपो के लिए काफी खास रहा। डिपो के लिए जमीन मिली चुकी है, जहां नया बस अड्डा व वर्कशॉप बनेगा। इसके अलावा डिपो को पहली बार निगम की 12 बसें मिली हैं। आने वाले दिनों में और बेहतर सुविधाएं बढ़ेंगी।
-गीता सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो
वर्जन
प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) सेंटर मिला है। अब इस सेंटर पर प्रशिक्षण लेने व टेस्ट में पास होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस का बनेगा। विभाग की कई सुविधाएं भी ऑनलाइन हो चुकी है। आने वाले दिनों में और भी बदलाव होने हैं।
शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ