वर्ष 2015 खट्टी-मीठी यादें छोड़कर गया है। गुजरा साल जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली क्षेत्र में तरक्की की कोई खास इबारत नहीं लिख सका, लेकिन नए साल में तमाम उम्मीदें छोड़ गया है। बड़ी रेल लाइन के काम की उम्मीद तो 2013 में ही जगी थी, लेकिन धीमी प्रगति की टीस रह गई। वर्ष 2016 में इसकी प्रगति की उम्मीद है। नए साल में ओयल में ट्रामा सेंटर बनने की उम्मीद है। शहर में कई सड़कों के निर्माणाधीन होने के कारण चमकती सड़कों की परिकल्पना भी पूरी नहीं हो सकी। बीते साल में कई विकास कार्यों में प्रगति न होने सी मायूसी बढ़ी तो कुछ कार्यों के होने से उपलब्धियां हासिल हुई।
उपलब्धियां
1-जिला अस्पताल का निर्माणाधीन एईएस/जेई आईसीयू वार्ड का उद्घाटन हो गया। इससे इस गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों को इलाज की सुविधा मिल गई।
2-बेसिक शिक्षा विभाग में पहली बार 72 हजार शिक्षक भर्ती मामले में जमकर भर्ती हुईं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। इससे शिक्षा व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
3-परिवहन निगम ने लखीमपुर से दिल्ली तक के सफर को सुहाना बनाने के लिए वातानुकूलित (एसी) बसों का संचालन शुरू हुआ। रोडवेज के लिए यह एक उपलब्धि रही।
4-केंद्रीय विद्यालय के लिए नया भवन का सपना वर्ष 2016 में पूरा होने की उम्मीद है। गृह मंत्रालय से नए भवन की स्वीकृति मिल गई है। नया भवन गढ़ी रोड स्थित एसएसबी कैंप परिसर में चार एकड़ में बनाया जाएगा।
विफलताएं
1-जिला अस्पताल का निर्माणाधीन एईएस/जेई आईसीयू वार्ड को डॉक्टर और स्टाफ नहीं मिल पाए। इससे इस बीमारी के फैलने पर आईसीयू में उचित व्यवस्था नहीं मिल सकेगी।
2-उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संगठन के दो धड़े बनने के बाद से विवादों में घिरे शिक्षक भवन में पिछले तीन वर्ष से जड़ा ताला इस वर्ष भी नहीं खुल सका। इससे यहां घास फूस उग आई है।
3-बड़ी रेल लाइन का काम इस वर्ष भी पूरा नहीं हो पाया। हालांकि काम शुरू हो गया है, लेकिन गति काफी धीमी रहने के कारण बड़ी रेल लाइन पर सफर करने का सपना इस वर्ष पूरा नहीं हो पाया।
4-केंद्रीय विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। दो साल पहले जमीन दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन यह फाइल दो साल तक प्रक्रिया से ही गुजरती रही। जिससे वर्ष 2015 में भी नया स्कूल भवन नहीं बन पाया।
5-नेपाल से जिला मुख्यालय को सीधा जोडने वाला पचपेडी घाट पुल नहीं बन सका। पूरे साल नेताओं ने इसके बनने का दम भरते रहेए लेकिन यह पुल वायदों की भेंट चढ गया।
संकल्प :
बेटियों-महिलाओं को आगे बढ़ाने का जारी रखेंगे प्रयास
डीएम किंजल सिंह ने कहा कि अल्प कार्यकाल में ही यहां हमने बेटियों और महिलाओं के लिए कई सालों का काम कर लिया है। नए साल में भी यह काम जारी रहेगा। थारू बेटियों और महिलाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। महिला बंदियों के लिए भी नया सवेरा अभियान जारी रहेगा। नए साल में मेरी कोशिश रहेगी कि शिक्षा में सुधार हो।
किंजल सिंह, डीएम।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने कहा कि जिले में घटित हुए अपराधों के पीछे कई बार पुलिस की संवेदनशीलता की कमी नजर आती है। महिला उत्पीडन के मामले भी इसकी देन है। नए साल की शुरुआत से ही हर दिन पुलिस की संवेदनशीलता बढ़ाने और महिलाओं की शतप्रतिशत सुरक्षा करने का संकल्प लिया है।