गोला गोकर्णनाथ। साहित्यकार नंदी लाल ''निराश'' को उनकी साहित्यिक सेवा के लिए विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर बिहार की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर उपाधि विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की गई है।
शहर निवासी साहित्यकार नंदी लाल ''निराश'' गजल संग्रह जमुरे ऑफिस है, मैंने कितना दर्द सहा है, आंगन की दीवारों से, खयालों में नया सूरज जैसी दर्जनों जनचेतना वाली कृतियों के लेखक हैं। साहित्यिक सेवा, सारस्वत साधना के अप्रतिम योगदान के लिए विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर बिहार ने इन्हें विद्या वाचस्पति की उपाधि देकर सम्मानित किया है। साहित्यकार रमाकांत चौधरी, सुरेश सौरभ, मुनेंद्र प्रताप सिंह, रमेश पांडे, श्रीकांत तिवारी, शशिकांत मिश्र सहित तमाम साहित्यकारों ने हर्ष जताया है। संवाद