फरधान रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के साथ बनाई जा रही सड़क। संवाद
लखीमपुर खीरी/फरधान। नेशनल हाईवे-730 पर स्थित गोला और फरधान रेलवे क्राॅसिंग पर सेतु का अधूरा पड़ा निर्माण कार्य बृहस्पतिवार से शुरू होगा। दोनों रेलवे क्राॅसिंग पर 30 जून की रात 12 बजे तक 19 दिन तक आवागमन बंद रहेगा। इस बीच रूट डायवर्जन कर वाहनों को गुजारा जाएगा।
फरधान रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम लगभग पूरा है। गोला रेलवे ओवरब्रिज निर्माण भी अंतिम चरण में है। क्रॉसिंग पर सिर्फ स्लैप डालने का काम होना है। इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह में ओवरब्रिज से वाहनों के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहराइच-नानपारा से पीलीभीत-बरेली की ओर आने-जाने वाले वाहनों को मनिकापुर तिराहे से एमडीआर -86 लखीमपुर–मोहम्मदी मार्ग से सिकंदराबाद चौराहे से होते हुए एमडीआर-76 सिकंदराबाद-गोला मार्ग की ओर से निकाला जाएगा। यहां से वाहन नेशनल हाईवे -730 गोला पर निकलेंगे। दोनों क्रासिंग 19 दिनों तक बंद रहेगी। ऐसे में इस बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
फरवरी 2021 में शुरू हुआ था काम
एनएच 730 पर दोनों क्राॅसिंग पर फरवरी, 2021 में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कराया गया था, जिसको मई, 2022 में पूरा होना था। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन व अन्य कई दिक्कतों के चलते तय समय पर काम नहीं हो सका। बजट के अभाव में भी कई बार काम बंद रहा। ओवरब्रिज न बनने से चार सालों से क्रॉसिंग से वाहनों का गुजरना चुनौती से कम नहीं है। फरधान रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन जाम लगा रहता है। अब ओवरब्रिज बनने के बाद हाईवे का निर्माण भी शुरू हो गया है। ओवरब्रिज के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है।
35 की जगह 70 किलोमीटर का तय करना होगा सफर
गोला और फरधान रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से इस मार्ग पर चलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लखीमपुर से गोला की दूरी महज 35 किलोमीटर है, जिसको तय करने में 45 मिनट से एक घंटा लगता है। क्रॉसिंग बंद होने से सभी वाहन मोहम्मदी हाईवे से सिकंदराबाद होते हुए लखीमपुर जाएंगे। ऐसे में इसकी दूरी करीब 65 से 70 किलोमीटर पड़ेगी और समय भी करीब दो घंटा लगेगा।