भारत-नेपाल सीमा पर दुधवा नेशनल पार्क से सटे जंगलों में बसी थारू जनजाति की अनूठी संस्कृति को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी। थारू हस्तशिल्प को दुनिया की लोककलाओं और हस्तशिल्प में प्रतिनिधित्व कराने की कवायद शुरू हो गई है। आगामी आठ जनवरी से 18 जनवरी तक गोवा में होने वाले लोकोत्सव-2016 में इस बार उत्तर प्रदेश से खीरी जिले के थारू आदिवासी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। डीएम किंजल सिंह की पहल पर गोवा के लोकोत्सव में थारू स्टाल लगाए जा रहे हैं।
गोवा में होने वाले लोकोत्सव-2016 में आदिवासी थारू संस्कृति, लोक कला और उनके हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए स्टाल लगाए जा रहे हैं। प्रयास यह किया जा रहा है कि थारू संस्कृति के सभी पहलुओं को इस ढंग से प्रदर्शित किया जाय कि देश विदेश के लोग उनकी संस्कृति से अच्छी तरह रूबरू हो सकें। लोकोत्सव की जिले में बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। डीएम किंजल सिंह खुद अपनी देखरेख में तैयारियां करा रहीं हैं।
लोकोत्सव में लगेंगे तीन थारू स्टाल
गोवा में आठ जनवरी से होने वाले लोकोत्सव में तीन स्टाल लगाए जाएंगे। पहले स्टाल में थारूओं के हाथों बनी हस्तशिल्प सामग्री जैसे दरी, कंबल, चटाई, टोपी, बैग, हाथ का पंखा, और थारुओं के परंपरागत कपड़े घांघरा, चोली, ओढ़नी, परंपरागत आभूषण आदि की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। दूसरे स्टाल में एक थारू हट बनाया जाएगा। इसमें मछली के शिकार में काम आने वाला जाल, अनाज रखने के मिट्टी के बरतन, खाना बनाने के लिए चूल्हा और उनके परंपरागत बर्तन, चारपाई, चटाई, अड़ुवा और दैनिक उपयोग में आने वाली चीजों का प्रदर्शन होगा। तीसरे स्टाल में फोटो कोलाज होगा। इसमें थारूओं के परंपरागत परिधान रखे जाएंगे। सैलानी इन थारू परिधान को पहन कर अपने फोटो खिंचा सकेंगे।
लोकोत्सव में दिखेंगे थारू संस्कृति के रंग
नौ दिनों तक चलने वाले इस लोकोत्सव-2016 में लगाए जा रहे थारू स्टालों में थारू संस्कृति, उनके खान-पान, त्योहार, पूजा-पाठ, चिकित्सा पद्घति, रीति रिवाज और शादी विवाह आदि परंपराओं पर फोकस करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें थारू लोक नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। लोकोत्सव में थारूओं का प्रतिनिधित्व कराने का मकसद थारू संस्कृति से दुनिया की पहचान कराने के साथ-साथ शासन प्रशासन के प्रयास से चल रहे विकास कार्यक्रमों से इनमें आ रहे बदलाव को भी सामने लाना है।
थारूओं के दल के साथ जाएगी पांच अफसरों की टीम
थारू आदिवासियों के सांस्कृतिक दल के साथ जिले के पांच अधिकारी भी गोवा जा रहे है। अधिकारियों के दल का नेतृत्व बीएसए डॉ. ओपी राय करेंगे। टीम में जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त अजय पांडेय, परियोजना निदेशक एकीकृत थारू जनजाति विकास परियोजना शामिल हैं। डीएम के भी इसमें पहुंचने की संभावना है।