माहवारी में स्वच्छता और सावधानियां
ज्योति राजवंशी ने माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को प्रतिदिन दो से तीन बार सेनेटरी पैड बदलने की सलाह दी। सफेद पानी की शिकायतें संक्रमण का कारण बन सकती हैं, इसलिए स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता
महिला काउंसलर दीपमाला ने बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन इसमें लापरवाही हानिकारक हो सकती है। उन्होंने छात्राओं को किसी भी महिला संबंधी समस्या के लिए अस्पताल में सलाह लेने के लिए जागरुक किया। दीपमाला ने जोर दिया कि जांच और दवाओं का सेवन केवल चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही किया जाना चाहिए।