बच्चे का परीक्षण करते पीकू वार्ड टेक्नीशियन सलाम खान संवाद
ओयल। बढ़ते तापमान से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चे, बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। रविवार की रात जिला अस्पताल में एक तीन वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। वह बुखार और खांसी से पीड़ित थी। उधर, चिल्ड्रेन और पीकू वार्ड में 25 बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
धौरहरा क्षेत्र के डिहुआ निवासी रामपाल रविवार की शाम करीब 6:30 बजे अपनी तीन वर्षीय पुत्री रेशमा को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उसे तेज बुखार था। बेसुध हालत में अस्पताल लाया गया था। करीब छह घंटे इलाज के बाद रेशमा ने दम तोड़ दिया। उधर, सोमवार को अस्पताल के बच्चा वार्ड में 19 बच्चे भर्ती थे।
इनमें छह बच्चे डायरिया, उल्टी व डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं। छह बच्चे बुखार की चपेट में हैं। इन बच्चाें का इलाज किया जा रहा है। ओपीडी में भी कई बच्चे इलाज को पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में लाई गई थी। इस समय डायरिया और बुखार पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं।
पीकू वार्ड में छह बच्चे, 1213 बने नए पर्चे
जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भी छह बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इनमें तेज बुखार और डायरिया-डिहाइड्रेशन के अधिक हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में 1213 मरीजों के नए पंजीकरण किए गए। बुखार, खांसी, सिर दर्द और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अधिक रही।