लखीमपुर खीरी। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के दौरान दुर्घटना बीमा कवर की धनराशि जमा कराने के बावजूद क्लेम अदा करने में बहानेबाजी को जिला उपभोक्ता फोरम ने सख्ती से लिया।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष शिवमणि शुक्ल ने किसान की दुर्घटना मौत के मामले में यूनीवर्सल जनरल बीमा कंपनी को क्लेम की धनराशि ब्याज सहित अदायगी के आदेश दिए हैं। जिला फोरम ने किसान की पत्नी को बेवजह दौड़ाने और परेशान करने पर बीमा कंपनी को दोषी ठहराते हुए छह हजार का हर्जाना भी लगाया।
आर्यावर्त बैंक से ग्राम सलेमपुर कोनि में रहने वाले जितेंद्र अवस्थी ने वर्ष 2018 में केसीसी बनवाया था। फूलबेहड ब्लॉक में स्थित आर्यावर्त बैंक की गौरा शाखा ने जनता वैयक्तिक दुर्घटना योजना बीमा योजना की बात कहते हुए पांच रुपए की धनराशि किसान के खाते से बीमा किश्त के रूप में जमा कराई थी कि दुर्घटना मृत्यु के मामले में उसे पचास हजार रुपए की धनराशि अदा की जाएगी।
8 अप्रैल 2019 को खंभारखेड़ा शारदानगर के बीच जाते समय जितेंद्र अवस्थी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। 25 अप्रैल 2019 को आर्यावर्त बैंक की गौरा शाखा ने क्लेम की रकम दिलाने के लिए संपूर्ण दस्तावेजों के साथ लिखा-पढ़ी शुरू की तो यूनीवर्सल जनरल बीमा कंपनी ने बहानेबाजी शुरू कर दी। यह कहते हुए क्लेम धनराशि देने से मना कर दिया कि मृतक के ड्राइविंग लाइसेंस को नहीं पेश किया गया।
पीड़िता की ओर से दलील देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज रस्तोगी ने शुरूआत से हुए पत्राचार की प्रमाणित प्रतिलिपियां पेश कीं और मृतक के डीएल की रिसीविंग भी पेश की थी। जिला फोरम के अध्यक्ष शिव मणि शुक्ल और सदस्य जूही कुददूसी ने संयुक्त फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 50 हजार रुपये की क्लेम धनराशि मय ब्याज के अदायगी के आदेश दिए हैं। बीमा कंपनी पर मृतक की पत्नी को बेवजह दौड़ाने और मुकदमेबाजी में हुए खर्च के लिए छह हजार रुपए का हर्जाना अलग से अदा करने का आदेश दिया है।