कस्बे के मोहल्ला बाजारगंज स्थित डॉ. जयशंकर प्रसाद रस्तोगी के आवास पर गीता जयंती पर गोष्ठी हुई।
गोष्ठी
में डॉ. जयशंकर प्रसाद ने कहा कि विश्व में गीता ही एक मात्र ऐसा ग्रंथ
है, जो मानव कल्याण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर अनंत है,
इसलिए गीता के भाव भी अनंत है। उन्होंने बताया कि गीता में 18 अध्याय है
लेकिन तीन मुख्य हैं जिसमें ज्ञान, कर्म एवं भक्ति मार्ग उल्लिखित है।
उनका
मानना है कि गीता भक्ति प्रधान ग्रंथ है।
इस मौके पर स्वामी मुक्तानंद
जी महाराज ने भी विचार रखे। संचालन रामअवतार शुक्ल सगुण ने किया। इस मौके
पर अशोक कुमार चतुर्वेदी, रामनरायन गुप्ता, अविनाश अग्निहोत्री, विनोद
शुक्ला, अमित भसीन, उदयवीर सिंह, अरविंद वाजपेयी, रामचंद्र दद्दा, राम
अवतार, प्रेम सिंह, रामदिनेश वर्मा, जुगुल किशोर मिश्रा, लक्ष्मण सिंह
नवरंग, बीडी वैश्य, संदीप मेहरोत्रा, महेंद्र नाथ मेहरोत्रा, सत्यप्रकाश
मिश्रा, डॉ. सुभाष चंद्र, नरेंद्र नाथ मेहरोत्रा, प्रेम किशोर शर्मा,
रामलाल गुप्ता, मालती शुक्ला, गौरव रस्तोगी, विनायक यश रस्तोगी आदि लोग
मौजूद रहे।